इंडियन नेशनल लोक दल के नेता अभय चौटाला ने हरियाणा सरकार को घेरते हुए गेहूं खरीद में बड़े घोटाले का दावा किया है। उनके अनुसार, भुगतान में देरी और आंकड़ों में हेरफेर कर किसानों के साथ लूट की गई है।

कृष्ण कुमार सैनी, चंडीगढ़। इंडियन नेशनल लोक दल (Indian National Lok Dal) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अभय सिंह चौटाला (Abhay Singh Chautala) ने हरियाणा की भाजपा सरकार पर गेहूं खरीद में हजारों करोड़ रुपये के घोटाले का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा किसानों को 72 घंटे में भुगतान करने का दावा पूरी तरह हवा-हवाई साबित हुआ है और अभी भी बड़ी संख्या में किसानों का भुगतान लंबित है। अभय चौटाला ने सरकार के 80 प्रतिशत भुगतान के दावे को भी झूठा बताते हुए कहा कि मंडियों में अब तक गेहूं का पूरा उठान तक नहीं हो पाया है और किसानों का लगभग 30 प्रतिशत भुगतान अभी बाकी है।

अभय चौटाला ने आरोप लगाया कि इस बार हरियाणा में पिछले साल के मुकाबले करीब 15 लाख मीट्रिक टन ज्यादा गेहूं की खरीद दिखाई गई है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक इस वर्ष 84.76 लाख मीट्रिक टन गेहूं मंडियों में पहुंचा, जिसमें से लगभग 83 लाख मीट्रिक टन की एमएसपी पर खरीद हुई। जबकि पिछले साल यह खरीद करीब 70 लाख मीट्रिक टन थी। उन्होंने दावा किया कि यह अतिरिक्त गेहूं वास्तव में उत्तर प्रदेश से किसानों से सीधे एमएसपी कीमत से 600 से 800 रुपये प्रति क्विंटल कम रेट पर खरीदा गया और बाद में मिलीभगत कर हरियाणा की मंडियों में एमएसपी पर समायोजित कर दिया गया।

इनेलो नेता ने आरोप लगाया कि इस पूरे खेल से केंद्र सरकार के फंड में 2000 करोड़ रुपये से ज्यादा का घोटाला किया गया। उन्होंने कहा कि इस कथित घोटाले को छुपाने के लिए अभी तक ई-खरीद पोर्टल पर पूरी जानकारी अपलोड नहीं की गई है। अभय चौटाला ने इसे किसानों के साथ खुली लूट करार देते हुए कहा कि सरकार की नीयत और व्यवस्था दोनों सवालों के घेरे में हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि 30 सितंबर 2021 को हरियाणा राज्य मंडी मार्केटिंग बोर्ड द्वारा जारी सर्कुलर में साफ निर्देश दिए गए थे कि एमएसपी पर फसल खरीद के दौरान किसानों से मजदूरी शुल्क नहीं लिया जाएगा, सिवाय 100 रुपये पर 10 पैसे के निर्धारित शुल्क के। बावजूद इसके प्रदेश की मंडियों में किसानों से मजदूरी शुल्क वसूला जा रहा है। अभय चौटाला ने सरकार से मांग की कि किसानों से अवैध वसूली रोकने के लिए अपने ही दिशानिर्देशों को सख्ती से लागू किया जाए।