करनाल के शेखपुरा गांव निवासी 20 वर्षीय सुमनदीप की अमेरिका में दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई। परिवार ने अब शव को भारत लाने के लिए सरकार से मदद की गुहार लगाई है।

करनाल। जिले के शेखपुरा गांव में उस समय मातम छा गया जब अमेरिका में एक 20 वर्षीय युवक सुमनदीप सिंह की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत की खबर सामने आई। बेहतर भविष्य की तलाश में दो साल पहले विदेश गए सुमनदीप की मौत के कारणों का प्राथमिक कारण दिल का दौरा पड़ना बताया जा रहा है। परिवार के लिए यह सदमा असहनीय है क्योंकि सुमनदीप घर का इकलौता चिराग था। परिजन अब सरकार और सामाजिक संस्थाओं से उसके पार्थिव शरीर को भारत वापस लाने की अपील कर रहे हैं। इस घटना ने एक बार फिर युवाओं के विदेश जाने की होड़ और उसके बाद आने वाले संकटों पर चर्चा तेज कर दी है।

विदेश जाने के लिए बेची जमीन

सुमनदीप के परिजनों के अनुसार, उन्होंने अपने इकलौते बेटे को विदेश भेजने के लिए कड़ी मेहनत की थी। परिवार ने अपनी आर्थिक स्थिति सुधारने और सुमनदीप के उज्ज्वल भविष्य की खातिर अपनी दो एकड़ जमीन तक बेच दी थी। सुमनदीप पहले कनाडा गया था, लेकिन वहां काम न मिलने के कारण उसने डंकी रूट का रास्ता चुना और अमेरिका पहुंच गया। परिवार को उम्मीद थी कि वह मेहनत करके घर की गरीबी दूर करेगा, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। अब घर के लोग उस बेटे के लौटने का इंतजार कर रहे हैं, जिसे उन्होंने बड़ी उम्मीदों के साथ विदेश की धरती पर भेजा था।

काम पर गया और नहीं लौटा

सुमनदीप अमेरिका में नाइट शिफ्ट में काम करता था। ड्यूटी से लौटने के बाद जब वह अपने कमरे में सोने गया, तो अगली सुबह वह नहीं उठा। उसके दोस्तों ने जब उसे जगाने की कोशिश की, तो कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली और अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सुमनदीप के पिता की मौत नौ साल पहले हो चुकी थी, जिससे घर की पूरी जिम्मेदारी उसी पर थी। अब परिवार के पास न तो आर्थिक सहारा बचा है और न ही बेटा। वे सरकार से मदद की गुहार लगा रहे हैं ताकि सुमनदीप का अंतिम संस्कार उसकी अपनी जन्मभूमि पर रीति-रिवाजों के साथ किया जा सके।