प्रमोद कुमार/​कैमूर। जिले के मोहनिया अनुमंडलीय अस्पताल में बीते सोमवार की रात एक सड़क दुर्घटना में युवक की मौत के बाद स्थिति बेहद तनावपूर्ण हो गई। इलाज में कथित लापरवाही का आरोप लगाते हुए मृतक के परिजनों ने ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर के साथ मारपीट की। इस घटना के विरोध में अस्पताल कर्मियों ने ओपीडी (OPD) सेवाओं को बंद कर दिया था, जिसे मंगलवार को सिविल सर्जन और एसडीएम के आश्वासन के बाद पुनः बहाल कर दिया गया।

​सड़क हादसे ने लिया हिंसक रूप

​मृतक की पहचान चैनपुर थाना क्षेत्र के नौघरा निवासी दिवान कलीमुद्दीन खान के पुत्र गुरफान खान के रूप में हुई है। गुरफान को एक स्कॉर्पियो की टक्कर के बाद गंभीर हालत में मोहनिया अनुमंडलीय अस्पताल लाया गया था। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में इलाज के दौरान लापरवाही बरती गई जिसके कारण युवक की जान गई। इसी बात से आक्रोशित होकर परिजनों ने अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा किया और ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर प्रदीप कुमार के साथ मारपीट की। घटना के बाद अस्पताल में अफरा-तफरी मच गई और सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात करना पड़ा।

​डॉक्टर का पक्ष और कर्मियों का विरोध

​पीड़ित डॉक्टर प्रदीप कुमार ने पूरी घटना पर अपना पक्ष रखते हुए बताया जब घायल युवक को अस्पताल लाया गया तो जांच के दौरान ही उसकी मृत्यु की पुष्टि हो गई थी। जब मैंने परिजनों को इस दुखद सत्य से अवगत कराया तो वे उग्र हो गए और जबरन इलाज का दबाव बनाते हुए मारपीट करने लगे। इस घटना से आहत और भयभीत अस्पताल कर्मियों ने मंगलवार को विरोध स्वरूप ओपीडी सेवा को ठप कर दिया था।

​प्रशासनिक हस्तक्षेप और ओपीडी की बहाली

​अस्पताल में ओपीडी बंद होने की सूचना मिलते ही कैमूर के सिविल सर्जन डॉ. चंदेश्वरी रजक और मोहनिया एसडीएम रत्ना प्रियदर्शनी तुरंत अस्पताल पहुंचीं। प्रशासन ने डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों से बातचीत की। एसडीएम रत्ना प्रियदर्शनी ने दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई का भरोसा दिलाया। सिविल सर्जन ने भी मामले की निष्पक्ष जांच और अस्पताल में सुरक्षा सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया। वरिष्ठ अधिकारियों के इन आश्वासनों के बाद चिकित्सा कर्मियों ने कार्य पर लौटने का निर्णय लिया और अस्पताल में ओपीडी सेवाएं सामान्य हो गईं। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है और दोषियों की पहचान कर कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है।