चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने पशुधन को जानलेवा और संक्रामक बीमारियों से बचाने के लिए बड़ा अभियान शुरू किया है। पशुपालन विभाग द्वारा पूरे प्रदेश में गलघोंटू और मुंहपका-खुरपका (FMD) जैसी गंभीर बीमारियों के खिलाफ विशेष टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत विभाग की टीमें गांव-गांव और घर-घर जाकर पशुओं को सुरक्षा कवच प्रदान कर रही हैं।

11 जून तक चलेगा विशेष अभियान

पशुपालन विभाग का यह महा-टीकाकरण अभियान 11 मई से शुरू हुआ था, जो 11 जून तक जारी रहेगा। अभियान का उद्देश्य प्रदेश के अधिकतम पशुओं को बीमारियों से सुरक्षित करना और पशुपालकों को आर्थिक नुकसान से बचाना है।

आधुनिक तकनीक से होगी निगरानी

इस बार टीकाकरण अभियान को डिजिटल तकनीक से जोड़ा गया है। लगाए गए सभी टीकों का रिकॉर्ड ‘भारत पशुधन पोर्टल’ पर ऑनलाइन दर्ज किया जा रहा है। इससे टीकाकरण प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित होगी और किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता पर नजर रखी जा सकेगी।

55 लाख डोज लगाने का लक्ष्य

विभाग ने इस चरण में पूरे राज्य में 55 लाख वैक्सीन डोज लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। अभियान के दौरान छूट जाने वाले पशुओं के लिए भी विशेष व्यवस्था की गई है। विभाग के अनुसार, इस चरण के समाप्त होने के करीब डेढ़ महीने बाद वंचित पशुओं के लिए दोबारा विशेष टीकाकरण सत्र आयोजित किया जाएगा।

पशुपालकों से सहयोग की अपील

हरियाणा पशुधन विकास बोर्ड के चेयरमैन Dharmbir Mirzapur ने पशुपालकों से अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की है।उन्होंने कहा कि यह टीका पशुओं को गंभीर बीमारियों से बचाने के साथ-साथ दूध उत्पादन को प्रभावित होने से भी रोकता है। उन्होंने प्रदेश के पशुपालकों से आग्रह किया कि वे अपने घर पहुंचने वाली पशुपालन विभाग की टीमों का सहयोग करें और अपने गोधन व भैंसधन को समय पर टीका लगवाकर सुरक्षित बनाएं।

पशुधन सुरक्षा से मजबूत होगी ग्रामीण अर्थव्यवस्था

सरकार का मानना है कि पशुधन की सुरक्षा न केवल पशुपालकों की आय बढ़ाने में मदद करेगी, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान करेगी। यही कारण है कि इस अभियान को मिशन मोड में चलाया जा रहा है।