राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय खेड़ी गुलाम अली में 'आओ गांव चले' थीम पर एक दिवसीय स्वास्थ्य जागरूकता कार्यशाला आयोजित कर बच्चों को जागरूक किया गया।

राकेश कथूरिया,कैथल। के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय खेड़ी गुलाम अली में ‘आओ गांव चले’ थीम पर आधारित एक दिवसीय स्वास्थ्य जागरूकता कार्यशाला का शानदार आयोजन किया गया। इस विशेष कार्यशाला में मुख्य वक्ता के रूप में वरिष्ठ डॉक्टर ममता गर्ग (आंख विशेषज्ञ), डॉक्टर रुचिका सूद (ई.एन.टी विशेषज्ञ), डॉक्टर अभिलाषा जैन (एंडॉक्रिनलॉजिस्ट), डॉक्टर अनुपम (गाइनेकोलॉजिस्ट) और डॉक्टर कविता जिंदल (पैथोलॉजिस्ट) विद्यालय में पधारे। मंच का कुशल संचालन हिंदी प्राध्यापक सतबीर सिंह ने किया, जबकि विद्यालय के प्रधानाचार्य हरपाल सिंह ने डॉक्टरों की पूरी टीम का पौधा भेंट कर और गर्मजोशी से स्वागत किया।

आंखों की देखभाल और सफलता के मंत्र

कार्यशाला में आंख विशेषज्ञ डॉ. ममता गर्ग ने बच्चों को लू और चिलचिलाती गर्मी में आंखों को सुरक्षित रखने के उपाय बताए। उन्होंने बच्चों के साथ मां के अनुभवों को साझा करते हुए मां से जुड़ाव को जीवन में सबसे महत्वपूर्ण बताया। इसके बाद ई.एन.टी विशेषज्ञ डॉक्टर रुचिका सूद ने निरंतर अभ्यास की ताकत समझाते हुए कहा कि यदि हम प्रतिदिन केवल 10 पृष्ठ भी पढ़ेंगे, तो साल में 12 से 15 किताबें पूरी कर सकते हैं। उन्होंने बीज से पौधे बनने का उदाहरण देकर बच्चों को लक्ष्य प्राप्ति के लिए लगातार मेहनत करने की प्रेरणा दी।

महिला स्वास्थ्य और भ्रांतियों पर चर्चा

पैथोलॉजिस्ट डॉक्टर कविता जिंदल ने मां पर एक भावुक कविता सुनाकर आत्मीयता का संदेश दिया और बीमारी होने पर तुरंत टेस्ट कराने की सलाह दी। वहीं एंडॉक्रिनलॉजिस्ट डॉक्टर अभिलाषा जैन ने चिंता जताई कि 80 प्रतिशत महिलाओं में खून की कमी पाई जाती है, जिसे संतुलित आहार और हरी सब्जियों से ठीक किया जा सकता है। इसके साथ ही अध्यापक सुरेंद्र ने बच्चों को नियमित रूप से आयरन और फोलिक एसिड की गोलियां लेने को कहा। डॉक्टर अनुपम ने एचपीवी वैक्सीनेशन की भ्रांतियां दूर करते हुए 14 से 15 साल की लड़कियों को यह टीका लगवाने की सलाह दी।

प्रतिभागी छात्र-छात्राओं का हुआ सम्मान

कार्यक्रम के दौरान लड़कियों को माहवारी स्वच्छता के बारे में भी विस्तार से वैज्ञानिक जानकारी दी गई। डॉक्टरों की टीम ने विद्यालय के सभी बच्चों को अपनी तरफ से रिफ्रेशमेंट वितरित की। इस मौके पर ‘मां’ विषय पर आधारित एक ड्राइंग प्रतियोगिता भी आयोजित हुई, जिसमें सर्वश्रेष्ठ पेंटिंग बनाने वाले और मां पर बेहतरीन कविता सुनाने वाले बच्चों को सम्मानित किया गया। अंत में प्रधानाचार्य और स्टाफ सदस्यों ने डॉक्टरों की टीम को पौधों के पॉट देकर विदा किया, ताकि बच्चों में पर्यावरण के प्रति जागरूकता पैदा हो। इस सफल आयोजन में समस्त स्टाफ का विशेष सहयोग रहा।