हरियाणा सरकार ने HERC के लिए नई सेवा शर्तें और भर्ती नियम मंजूर किए हैं। अब आयोग अपनी नियुक्तियां खुद करेगा, जिससे चयन प्रक्रिया सीधे उसके नियंत्रण में होगी।

हरियाणा। हरियाणा विद्युत विनियामक आयोग (HERC) के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की सेवा शर्तों संबंधी विनियम-2022 को मंजूरी दे दी है। नए नियम आयोग के ग्रुप ए, बी, सी और डी के सभी नियमित कर्मचारियों पर लागू होंगे। इनमें नियुक्ति, पदोन्नति, वेतन, वरिष्ठता, अनुशासनात्मक कार्रवाई, सेवा शर्तों और योग्यता से जुड़े स्पष्ट प्रावधान तय किए गए हैं। साथ ही पुराने कर्मचारियों के हितों की सुरक्षा के लिए भी विशेष व्यवस्था की गई है ताकि नए नियमों का उन पर प्रतिकूल असर न पड़े।

सबसे बड़ा बदलाव भर्ती प्रक्रिया में किया गया है। अब आयोग में नियुक्तियां न तो हरियाणा लोक सेवा आयोग (HPSC – Haryana Public Service Commission (हरियाणा लोक सेवा आयोग)) और न ही हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (HSSC – Haryana Staff Selection Commission (हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग)) के माध्यम से होंगी। हरियाणा विद्युत विनियामक आयोग (HERC – Haryana Electricity Regulatory Commission (हरियाणा विद्युत विनियामक आयोग)) स्वयं विज्ञापन जारी कर भर्ती प्रक्रिया पूरी करेगा, जिससे चयन प्रक्रिया सीधे आयोग के नियंत्रण में रहेगी। नियमों के तहत कर्मचारियों को हरियाणा के बाहर भी तैनात किए जाने का प्रावधान रखा गया है और प्रतिनियुक्ति पर आए कर्मचारियों को तीन साल तक संतोषजनक सेवा देने के बाद स्थायी नियुक्ति का अवसर मिलेगा।

आयोग में सचिव, निदेशक, संयुक्त निदेशक, उपनिदेशक, विधि अधिकारी, डिप्टी डायरेक्टर (मीडिया), सहायक निदेशक, निजी सचिव, वरिष्ठ स्टेनोग्राफर, क्लर्क, चालक, चपरासी और प्रोसेस सर्वर समेत कुल 75 स्वीकृत पद निर्धारित किए गए हैं। इसके अलावा वेतन, अवकाश, पेंशन और अनुशासनात्मक मामलों में हरियाणा सिविल सेवा नियम लागू होंगे।

क्लर्कों और स्टेनोग्राफरों के लिए सख्त नियम

नए नियमों में क्लर्क और जूनियर स्केल स्टेनोग्राफर के लिए कंप्यूटर दक्षता परीक्षा पास करना अनिवार्य कर दिया गया है। यदि कर्मचारी यह परीक्षा पास नहीं करते हैं तो उनकी वेतन वृद्धि रोक दी जाएगी। आयोग का कहना है कि यह कदम कर्मचारियों की कार्यकुशलता बढ़ाने के उद्देश्य से उठाया गया है, हालांकि इसे सख्त प्रावधान माना जा रहा है।

मीडिया के लिए नया पद, कई पदनाम बदले

आयोग ने मीडिया प्रबंधन को मजबूत करने के लिए डिप्टी डायरेक्टर (मीडिया) का नया पद सृजित किया है। इस पद के लिए पत्रकारिता या जनसंचार में मास्टर डिग्री और नौ साल का अनुभव अनिवार्य रखा गया है। वहीं क्लर्क-कम-कंप्यूटर ऑपरेटर का पदनाम बदलकर केवल क्लर्क कर दिया गया है, जबकि कैशियर, केयरटेकर और असिस्टेंट लाइब्रेरियन को अब ‘असिस्टेंट’ नाम दिया गया है। सचिव पद पर IAS (Indian Administrative Service (भारतीय प्रशासनिक सेवा)) या HCS (Haryana Civil Service (हरियाणा सिविल सेवा)) अधिकारियों की नियुक्ति का प्रावधान भी नियमों में शामिल किया गया है।