कर्ण मिश्रा, ग्वालियर। ग्वालियर हाईकोर्ट ने गजराराजा मेडिकल कॉलेज भर्ती विवाद से जुड़े अवमानना मामले में राज्य सरकार की कार्यशैली पर सख्त टिप्पणी की है। कोर्ट ने स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग की जांच में दो अधिकारियों को दोषी पाए जाने के बाद पूछा है कि आखिर उनके खिलाफ अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई। कोर्ट ने विभाग को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई कर अगली सुनवाई तक शपथपत्र के साथ रिपोर्ट पेश की जाए।
दरअसल, मेडिकल कॉलेज भर्ती विवाद से जुड़े अवमानना मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने पाया कि विभागीय जांच में तत्कालीन IAS दीपक सिंह और मेडिकल कॉलेज के तत्कालीन अधीक्षक डॉ अक्षय निगम को दोषी माना गया है। इसके बावजूद अब तक उनके खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। मामला डॉ. आरडी दत्त की ओर से दायर अवमानना याचिका से जुड़ा है।
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राज्य सरकार ने 20 मई 2026 को कोर्ट के पूर्व आदेश के पालन में अतिरिक्त मुख्य सचिव, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग से जांच कराई थी। जांच रिपोर्ट में दोनों अधिकारियों की लापरवाही सामने आई थी। सुनवाई के दौरान हाइकोर्ट ने कहा कि जब विभाग स्वयं अपनी जांच में अधिकारियों की जिम्मेदारी तय कर चुका है, तो कार्रवाई न करना कोर्ट के आदेशों की अवहेलना माना जाएगा।
अदालत ने राज्य सरकार से पूछा कि दोषी अधिकारियों के खिलाफ क्या कदम उठाए गए हैं। हाईकोर्ट ने निर्देश दिया है कि अगली सुनवाई से पहले विभाग कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट शपथपत्र के साथ प्रस्तुत करे। इस मामले की अगली सुनवाई चार सप्ताह बाद निर्धारित की गई है।

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