वीरेंद्र कुमार/नालंदा। जिले में फतुहा-नटेसर रेलखंड पर सोमवार को एक बड़ा रेल हादसा होते-होते टल गया। हिलसा रेलवे स्टेशन के समीप एक खाली मालगाड़ी की चार बोगियां अचानक पटरी से उतर गईं। इस घटना से स्टेशन परिसर में हड़कंप मच गया लेकिन राहत की बात यह रही कि इसमें कोई जनहानि नहीं हुई।

​घटना का विवरण

​मिली जानकारी के अनुसार एक खाली मालगाड़ी फतुहा से नटेसर की ओर जा रही थी। जैसे ही ट्रेन हिलसा स्टेशन के यार्ड में प्रवेश कर रही थी अचानक उसके चार डिब्बे बेपटरी हो गए। दुर्घटना की सूचना मिलते ही स्टेशन प्रबंधन और वरीय रेल अधिकारियों में अफरा-तफरी मच गई। तत्काल प्रभाव से पटना से राहत एवं बचाव दल को घटनास्थल के लिए रवाना किया गया। वहीं जीआरपी और आरपीएफ की टीम ने मौके पर पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्था संभाली और जांच शुरू कर दी।

​जांच के दायरे में रेलवे की लापरवाही

​हादसे को लेकर सवाल उठ रहे हैं कि क्या यह रेलवे की लापरवाही है या फिर तकनीकी खराबी? टीआई कुंदन कुमार के अनुसार हादसे के वक्त ट्रेन की रफ्तार 15 किलोमीटर प्रति घंटे से भी कम थी। कम गति होने के बावजूद डिब्बे कैसे उतरे यह जांच का विषय है। फिलहाल उच्चस्तरीय टीम पूरे मामले की गहनता से पड़ताल कर रही है। रिपोर्ट आने के बाद ही हादसे के वास्तविक कारणों का खुलासा हो पाएगा।

​परिचालन पर असर और यात्रियों की परेशानी

​इस हादसे का असर व्यापक रहा है। फतुहा-नटेसर रेलखंड पर ट्रेनों का परिचालन पूरी तरह ठप हो गया है। दिल्ली से इस्लामपुर आने वाली मगध एक्सप्रेस को मार्ग में ही रोक दिया गया। वहीं पटना-इस्लामपुर लोकल ट्रेन को जटडुमरी जंक्शन पर खड़ा करना पड़ा। इस्लामपुर-हटिया एक्सप्रेस का परिचालन भी बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
​रेलवे ट्रैक के बंद होने से आम लोगों को भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। हिलसा-चिकसौरा मार्ग समेत कई रेलवे फाटक बंद हो गए जिससे सड़क यातायात बाधित रहा और वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। फिलहाल रेलवे की इंजीनियरिंग और तकनीकी टीम युद्धस्तर पर क्षतिग्रस्त बोगियों को हटाने और पटरी को दुरुस्त करने के कार्य में जुटी है। अधिकारियों का दावा है कि जल्द ही रेल सेवा को सुचारू कर दिया जाएगा।