हिसार। हिसार जिले में नहरों में दो सप्ताह तक पर्याप्त पानी छोड़ने और बिजली की हाईटेंशन लाइनों के लिए उचित मुआवजे की मांग को लेकर किसानों का दो दिवसीय धरना मंगलवार को प्रशासन के आश्वासन के बाद स्थगित कर दिया गया। इससे पहले किसानों ने अपनी मांगों के समर्थन में लघु सचिवालय के बाहर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का पुतला फूंककर विरोध जताया।

बारिश की कमी और नहरी पानी के अभाव में फसलों के सूखने की आशंका को देखते हुए पगड़ी संभाल जट्टा किसान संघर्ष समिति और संयुक्त जल संघर्ष समिति के नेतृत्व में किसान पिछले दो दिनों से धरने पर बैठे थे।

प्रशासन के साथ बैठक में सात मांगों पर बनी सहमति

मंगलवार को डीसी की अनुपस्थिति में किसानों के 12 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल की एडीसी, एसडीएम और अन्य अधिकारियों के साथ बैठक हुई। बैठक में किसानों ने अपनी सात प्रमुख मांगें प्रशासन के सामने रखीं। अधिकारियों ने इन मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई का भरोसा दिया, जिसके बाद किसानों ने फिलहाल अपना धरना समाप्त करने का फैसला लिया।

सिंचाई मंत्री श्रुति चौधरी से जल्द होगी बैठक

किसानों की प्रमुख मांगों में नहरों में लगातार दो सप्ताह तक पानी छोड़ना, टेल तक पर्याप्त जल पहुंचाना और बरवाला ब्रांच की क्षमता बढ़ाना शामिल है। प्रशासन ने इन मुद्दों को सरकार और मंत्री स्तर का विषय बताते हुए जल्द ही सिंचाई मंत्री श्रुति चौधरी के साथ किसानों की बैठक कराने का आश्वासन दिया।

बैठक में खेतों से गुजर रही हाईटेंशन बिजली लाइनों का मुद्दा भी उठा। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि किसानों को उचित मुआवजा दिए बिना टावर लगाने का कार्य शुरू नहीं किया जाएगा। इसके अलावा घग्घर ड्रेन के कई हिस्सों को पक्का करने और उसकी क्षमता बढ़ाने का कार्य भी जल्द शुरू कराने का भरोसा दिया गया।

खाद की कालाबाजारी पर कार्रवाई और फसल बीमा क्लेम का आश्वासन

किसानों ने यूरिया और डीएपी की कमी तथा खाद की कालाबाजारी का मुद्दा भी उठाया। प्रशासन ने दोषी डीलरों के लाइसेंस तत्काल रद्द करने की बात कही। वहीं जिन किसानों के बैंक द्वारा फसल बीमा प्रीमियम काटने के बावजूद बीमा कंपनी में राशि जमा नहीं कराई गई है, उन्हें बैंक की ओर से क्लेम दिलाने पर भी सहमति बनी।

इसके अलावा दो वर्ष पहले सोलर ट्यूबवेल के लिए राशि जमा कराने के बावजूद लाभ नहीं मिलने वाले किसानों को एक सप्ताह के भीतर उनकी राशि वापस कराने का भी आश्वासन दिया गया।

एक सप्ताह का अल्टीमेटम, फिर मंत्री आवास पर होगा प्रदर्शन

किसानों ने कहा कि वे प्रशासन को एक सप्ताह का समय देंगे। यदि इस दौरान सिंचाई मंत्री के साथ बैठक नहीं हुई और मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया गया तो हजारों किसान पैदल मार्च करते हुए भिवानी पहुंचेंगे और सिंचाई मंत्री श्रुति चौधरी के आवास के बाहर अनिश्चितकालीन धरना शुरू करेंगे।