हिसार में रोडवेज कर्मचारियों और प्रबंधन के बीच सहमति बनने के बाद चक्का जाम वापस ले लिया गया है। 15 दिनों में मांगें पूरी करने के आश्वासन पर शनिवार से बस सेवाएं सामान्य होंगी।

विनोद सैनी, हिसार। जिले में लंबित मांगों को लेकर रोडवेज कर्मचारियों और प्रबंधन के बीच शुक्रवार को उत्पन्न हुआ तनाव आखिरकार वार्ता के बाद समाप्त हो गया है। रोडवेज सांझा मोर्चा के नेतृत्व में सैकड़ों कर्मचारियों ने जीएम कार्यालय का घेराव कर धरना शुरू कर दिया था, जिसके चलते रोडवेज बसों के पहिए थम गए और यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। बस स्टैंड पर सुरक्षा व्यवस्था के लिए भारी पुलिस बल की तैनाती की गई थी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए चंडीगढ़ से ज्वॉइंट डायरेक्टर राजेश पूनिया देर रात हिसार पहुंचे और यूनियन नेताओं के साथ कई दौर की वार्ता की, जिसके बाद प्रस्तावित चक्का जाम टाल दिया गया है।

15 दिनों का मिला ठोस आश्वासन

रात करीब पौने एक बजे हुई बैठक में ज्वॉइंट डायरेक्टर ने कर्मचारियों की लंबित मांगों को 15 दिनों के भीतर पूरा करने का लिखित आश्वासन दिया है। साथ ही मंगलवार तक एसीआर (ACR) संबंधी समस्याओं के समाधान का भी भरोसा दिलाया गया है। इन आश्वासनों के बाद रोडवेज सांझा मोर्चा ने शनिवार से प्रस्तावित बेमियादी चक्का जाम वापस लेने का निर्णय लिया है। इसके परिणामस्वरूप, शनिवार से रोडवेज बस सेवाएं सामान्य रूप से संचालित होंगी। हालांकि, कर्मचारियों ने अपनी बात स्पष्ट रखते हुए कहा है कि मांगें पूरी होने तक उनका धरना प्रदर्शन जारी रहेगा, ताकि सरकार अपने वादों पर कायम रहे।

पहले भी हुआ था सख्त विरोध

इससे पहले, कर्मचारियों ने रात 3:40 बजे से बेमियादी चक्का जाम शुरू करने की घोषणा कर दी थी। जिला प्रशासन की ओर से पहुंची एसडीएम ने यूनियन नेताओं से बातचीत कर समाधान के लिए एक महीने का समय मांगा था, जिसे कर्मचारियों ने सिरे से नकार दिया था। आंदोलन के दौरान चालक और परिचालकों द्वारा काम बंद करने से कई बसें डिपो से बाहर नहीं निकल सकी थीं, जिससे विशेषकर ग्रामीण रूटों पर सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हुई थीं। यूनियन नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि तय समय सीमा के भीतर उनकी मांगों का संतोषजनक समाधान नहीं हुआ, तो वे भविष्य में आंदोलन को और अधिक उग्र और व्यापक बनाने के लिए बाध्य होंगे।