रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के तीसरे दिन प्रश्नकाल के दौरान सदन में एक इतिहास बना गया। पहली बार ऐसा हुआ, जब एक मुद्दे पर एक-दो, तीन-चार नहीं, बल्कि 8 विधायकों ने सवाल किया। यह मौका स्पीकर ने जनहित से जुड़े मुद्दे को ध्यान में रखकर दिया।

दरअसल, आज सदन में सरगुजा संभाग के लुण्ड्रा से भाजपा विधायक प्रबोध मिंज ने अपने विधानसभा क्षेत्र में प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत निर्मित सड़कों के जर्जर होने का मुद्दा उठाया। इस सवाल पर कई अन्य विधायकों ने स्पीकर से सवाल पूछने की अनुमति मांगी। स्पीकर ने भी जनहित के इस विषय की गंभीरता को देखते हुए 8 विधायकों को सवाल पूछने की अनुमति दे दी।
विधायक प्रबोध मिंज ने पूछा सवाल
विधायक प्रबोध मिंज ने उप मुख्यमंत्री और पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री विजय शर्मा से पूछा कि लुण्ड्रा विधानसभा क्षेत्र में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के तहत कुल कितनी सड़कें हैं, उनका निर्माण किन-किन वर्षों में हुआ है तथा जून 2026 तक उनकी वर्तमान स्थिति क्या है। उन्होंने यह भी जानना चाहा कि कितनी सड़कें जर्जर, गड्ढायुक्त अथवा मरम्मत योग्य हैं, उनकी मरम्मत या पुनर्निर्माण कब तक पूरा होगा और अब तक उनके रखरखाव एवं संधारण पर कितनी राशि खर्च की गई है?
मंत्री विजय शर्मा का जवाब
पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री विजय शर्मा ने बताया कि लुण्ड्रा विधानसभा क्षेत्र में PMGSY के तहत कुल 171 सड़कें निर्मित हैं। जून 2026 तक के आकलन के अनुसार इनमें से 31 सड़कें मरम्मत योग्य पाई गई हैं। उन्होंने कहा कि इन सड़कों की मरम्मत एवं पुनर्निर्माण का कार्य बजट की उपलब्धता और प्राथमिकता के आधार पर कराया जाएगा। इसकी समय-सीमा बताना संभव नहीं है। साथ ही सड़कों के निर्माण, वर्तमान स्थिति और संधारण पर खर्च की गई राशि का विस्तृत विवरण सदन के पटल पर रखा गया।
जवाब से असंतुष्ट विधायक प्रबोध मिंज ने पूछा कि सामान्यतः ग्रामीण सड़कों की आयु कितनी होती है। उन्होंने कहा कि 12 टन भार क्षमता को ध्यान में रखकर बनाई गई सड़कों पर वर्तमान में इससे अधिक क्षमता वाले भारी वाहन चल रहे हैं, जिससे सड़कें समय से पहले खराब हो रही हैं। उन्होंने पूछा कि क्या इइसमें बदलाव लाया जाएगा।
इस पर मंत्री विजय शर्मा ने कहा कि सड़क की उम्र पांच साल की होती है। अलग से राशि मेंटेनेंस में नहीं लगाई जाती, उसी राशि का उपयोग किया जाता है। एस्टीमेट में प्रोविजन रहता है। 10 साल बाद सरकार उसकी मरम्मत पर खर्च करती है।
अन्य विधायकों ने भी उठाए सवाल
विधायक धर्मजीत सिंह ने कहा कि प्रदेशभर में PMGSY की कई सड़कें जर्जर हो चुकी हैं, जिससे ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने सर्वे कराकर जल्द मरम्मत कराने की मांग की।
MLA नीलकंठ टेकाम ने अपने क्षेत्र की एक सड़क का मामला उठाते हुए कहा कि निर्माण कार्य शुरू नहीं होने से लागत लगातार बढ़ रही है। उन्होंने जल्द काम शुरू कराने की मांग की। इसके अलावा विधायक द्वारिकाधीश यादव, दलेश्वर साहू, कुंवर सिंह निषाद, रायमुनी भगत और सुशांत शुक्ला ने भी अपने-अपने क्षेत्रों की खराब सड़कों की मरम्मत और निर्माण का मुद्दा उठाया।
विधायक धरमलाल कौशिक ने कहा कि मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बनी कई सड़कों की हालत भी बेहद खराब है और समय पर मरम्मत नहीं होने से ग्रामीणों को आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
सदन में कीर्तिमान बना- विधानसभा अध्यक्ष
वहीं चर्चा के अंत में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि आज सदन में कीर्तिमान बना है। सड़कों की चिंता सभी सदस्यों को है, यह वाजिब भी है। इसका समाधान होना चाहिए। आज कीर्तिमान बना कि एक प्रश्न पर आठ विधायकों ने सवाल किया। मंत्रीजी को बताया, यह सबकी चिंता है। इस पर ध्यान देने की जरूरत है।
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