हरियाणा गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी के प्रधान जगदीश सिंह झिंडा ने मीरी-पीरी अस्पताल के कर्मचारियों के बकाया वेतन और पाकिस्तान में गुरुद्वारे को ढहाए जाने पर तीखा रोष जताया है।

​कुरुक्षेत्र। हरियाणा गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी के प्रधान जगदीश सिंह झिंडा ने कुरुक्षेत्र के ऐतिहासिक छठी पातशाही गुरुद्वारा में मीडिया से बातचीत करते हुए दो बेहद गंभीर और संवेदनशील मुद्दों पर अपनी बात रखी। उन्होंने शाहाबाद स्थित मीरी-पीरी अस्पताल के कर्मचारियों को पिछले तीन महीने से वेतन न मिलने पर hsgpc jagdish singh jhinda kurukshetra के तहत चिंता जताई और पाकिस्तान में ऐतिहासिक गुरुद्वारे को नुकसान पहुंचाने की कड़ी निंदा की। झिंडा ने इन दोनों मामलों को लेकर अपनी गंभीर चिंता व्यक्त की है और कहा है कि इस तरह के संवेदनशील मामलों में तत्काल प्रभाव से उचित और सकारात्मक कदम उठाए जाने की आवश्यकता है।

मीरी पीरी अस्पताल का वेतन विवाद

जगदीश सिंह झिंडा ने शाहाबाद के मीरी-पीरी संस्थान के कर्मचारियों के वेतन संकट का पूरा ठीकरा शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी पर फोड़ा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अदालत द्वारा हरियाणा कमेटी के पक्ष में फैसला सुनाए जाने के बाद भी SGPC ने इसे उच्च न्यायालय में चुनौती दी है, जिसकी अगली सुनवाई 27 जुलाई 2026 को होनी तय है। झिंडा ने कहा कि जब तक कानूनी प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती और वे संस्थान का पूर्ण रूप से टेकओवर नहीं कर लेते, तब तक कर्मचारियों के वेतन भुगतान की पूरी नैतिक और कानूनी जिम्मेदारी सीधे तौर पर SGPC की ही बनती है।

डॉक्टरों से मुलाकात और वार्ता का दौर

इस बड़े आर्थिक संकट के बीच प्रधान झिंडा ने अस्पताल के डॉक्टरों से भी मुलाकात की है। उन्होंने डॉक्टरों से अपील की है कि वे मानवता को सर्वोपरि रखते हुए मरीजों का इलाज किसी भी कीमत पर प्रभावित न होने दें। इसी के साथ उन्होंने बताया कि इस गंभीर विषय पर SGPC के प्रधान हरजिंदर सिंह धामी से भी फोन पर बातचीत हुई है। झिंडा ने उम्मीद जताई है कि कानूनी अड़चनों के बीच कर्मचारियों के रोके गए वेतन का जल्द ही कोई न कोई सकारात्मक समाधान आपसी सहमति से निकाल लिया जाएगा।

पाकिस्तान में ऐतिहासिक गुरुद्वारे पर रोष

बातचीत के दौरान HSGPC प्रधान ने पाकिस्तान के फर्रुखाबाद में स्थित एक ऐतिहासिक गुरुद्वारे के हिस्से को गिराए जाने की कायराना घटना की कड़े शब्दों में निंदा की। उन्होंने इस कृत्य को सिख समुदाय की आस्था और अमूल्य विरासत पर सीधा प्रहार बताते हुए कहा कि इससे वैश्विक सिख समाज में भारी नाराजगी है। जगदीश सिंह झिंडा ने घोषणा की कि इस गंभीर मामले में हरियाणा गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी जल्द ही भारत सरकार को एक औपचारिक ज्ञापन सौंपेगी, ताकि पाकिस्तान सरकार के समक्ष इस मुद्दे को कड़ाई से उठाकर दोषियों पर सख्त कार्रवाई कराई जा सके।