सोनीपत में हुड्डा पब्लिक हेल्थ कर्मचारी यूनियन और सर्व कर्मचारी संघ के बैनर तले कर्मचारियों का धरना चौथे दिन भी जारी रहा। कर्मचारियों ने मांगें पूरी न होने पर 5 अगस्त से सीवर और पानी की आपूर्ति बंद करने की चेतावनी दी है।
संजीव घनगस, सोनीपत। हुड्डा पब्लिक हेल्थ कर्मचारी यूनियन (रजिस्ट्रेशन 1266) पंचकूला जिला कमेटी सोनीपत, संबंधित सर्व कर्मचारी संघ के बैनर तले कर्मचारियों की मांगों को लेकर धरना आज चौथे दिन भी जारी रहा। धरने की अध्यक्षता जिला प्रधान टीनू मदान, जिला कैशियर जितेंद्र जागलान और जिला प्रेस सचिव राकेश योगी ने की।
कर्मचारी नेताओं ने सरकार और उच्च अधिकारियों से मांग की है कि सालों से एचएसवीपी (HSVP) कार्यालय में हो रहे लाखों-करोड़ों रुपये के घोटाले की निष्पक्ष जांच कराई जाए। इसके अलावा 10-15 सालों से कंप्यूटर ऑपरेटर के पद पर कार्यरत चार कर्मचारियों के तबादले के आदेश को तुरंत वापस (विड्रॉ) लिया जाए, ताकि कार्यालय का कामकाज सुचारू रूप से चल सके।

सीवर और पानी बंद करने की चेतावनी
कर्मचारी नेताओं ने स्पष्ट किया कि यदि आज इन चारों कर्मचारियों के तबादले के आदेश वापस नहीं लिए गए, तो वे सीवर और पानी की आपूर्ति बंद करने को मजबूर होंगे। यह कदम 5 अगस्त 2026 से उठाया जाएगा। इस आंदोलन को तेज करने के लिए स्टेट के वरिष्ठ नेता और सर्व कर्मचारी संघ की पूरी टीम भी मौके पर पहुंचेगी।
नेताओं ने संयुक्त रूप से कहा कि एचएसवीपी में हो रहे भ्रष्टाचार की जांच कराई जाएगी और कर्मचारियों को न्याय दिलाया जाएगा। यदि स्थिति बिगड़ती है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी एचएसवीपी अधिकारियों की होगी। इसके साथ ही, जॉब सिक्योरिटी की फाइल तैयार करने वाले कर्मचारियों को वापस लाकर काम पूरा कराने की मांग की गई है।
भ्रष्ट नेता और अधिकारियों पर गंभीर आरोप
कर्मचारी यूनियन ने अधिकारियों को सचेत करते हुए कहा कि जिस भ्रष्टाचारी नेता की दुकान पहले चलती थी, उसे बंद कराने का काम किया जा रहा है। उन्होंने आर.के. नागर पर आरोप लगाते हुए कहा कि वह वर्ष 2012 में रिटायर हो चुके हैं और ब्लैकमेलिंग का काम कर रहे हैं। अधिकारियों को उनके बहकावे में नहीं आना चाहिए। एचएसवीपी कार्यालय सेक्टर-15 में उनके द्वारा किए गए अवैध कब्जे को तुरंत खाली कराया जाना चाहिए।

यूनियन का दावा है कि हुडा जन स्वास्थ्य कर्मचारी यूनियन (रजिस्ट्रेशन 1266) को लेबर कमिश्नर द्वारा बोगस घोषित किया जा चुका है, फिर भी इसे चलाया जा रहा है। इस बोगस यूनियन के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कर्मचारियों और अधिकारियों से अपील की है कि वे किसी के बहकावे में न आएं और अपने काम से मतलब रखें।
फर्जी टेंडर और ट्रांसफर के आरोप
यूनियन ने आरोप लगाया कि पूर्व में पांच कर्मचारियों से 50,000 रुपये लिए गए थे। जब कर्मचारियों ने और पैसे देने से मना कर दिया, तो भ्रष्टाचारी एसडीओ के साथ मिलकर चारों कर्मचारियों का तबादला करवा दिया गया।
इसके अलावा आरोप लगाया गया कि एसडीओ (आरजीसी) में पोस्टेड होने के बावजूद गैर-कानूनी रूप से डिवीजन सोनीपत में क्लर्क, असिस्टेंट और हेड ड्राफ्ट्समैन के पदों पर फर्जी टेंडर, फर्जी कंप्लीशन सर्टिफिकेट, डे-नाइटी एस्टीमेट और कंपनियों के कंप्लीशन सर्टिफिकेट पर बिना किसी आदेश के हस्ताक्षर कर लाखों रुपये का लेन-देन कर रहे हैं। इस काम में आर.के. नागर को साथ रखा जाता है और मिलकर कर्मचारियों का तबादला कराया गया है तथा उन्हें डराने-धमकाने व मारने की धमकी दी जा रही है।

धरने में शामिल प्रमुख लोग
आज के धरने में भारी संख्या में कर्मचारियों ने भाग लिया। इस दौरान सर्वश्री सुभाष रापड़िया, राकेश योगी, सतीश शर्मा, महावीर नागर, जितेन्द्र, कुलदीप, मुकेश, ओम प्रकाश, नवीन, अश्वनी, रघुनाथ, प्रदीप, धीरज, सुनील, धीर सिंह, अशोक, योगेश शर्मा, महेन्द्र शर्मा, कृष्ण आदि मुख्य रूप से मौजूद रहे।


