बांग्लादेश से निकाले जाने के लगभग दो वर्ष बाद भी पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना का आत्मविश्वास बरकरार है. उसी आत्मविश्वास के दम पर बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने निर्वासन में रहते हुए बड़ा दावा किया है कि वह इसी साल अपने देश लौटेंगी. पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के खिलाफ मौत की सजा का फैसला सुनाया जा चुका है, उनकी पार्टी अवामी लीग पर प्रतिबंध है.

बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना स्वदेश लौटना चाहती हैं. पूर्व पीएम हसीना का कहना है कि उन्हें मौत से डर नहीं लगता और वे इसी साल बांग्लादेश वापस लौटेंगी. 

बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने कहा कि पार्टी की राजनीतिक वापसी किसी सरकार की कृपा पर निर्भर नहीं है. उनके खिलाफ आया फैसला न्याय नहीं बल्कि राजनीतिक बदले की भावना से प्रेरित है. बांग्लादेश की पूर्व पीएम शेख हसीना ने अपने देश वापस लौटने का ऐलान किया है.

शेख हसीना ने कहा कि न्यायपालिका का इस्तेमाल अवामी लीग को नेतृत्वविहीन करने के लिए किया जा रहा है. साथ ही उन्होंने कहा कि ऐसे प्रयास सफल नहीं होंगे. उन्होंने कहा, ‘मुझे मौत का डर नहीं है. वे इसी साल बांग्लादेश वापस लौटेंगी.

उन्होंने कहा कि अल्पसंख्यकों पर हमला तो बांग्लादेश की आजादी पर भी हमला है. 23 जून को ही उनकी पार्टी अवामी लीग का स्थापना दिवस था. इस अवसर पर बांग्लादेश में अवामी लीग के दर्जनों कार्यकर्ताओं को अरेस्ट किया गया था. 

हसीना ने कहा कि अवामी लीग 77 वर्षों से बंगाल की मिट्टी, इतिहास और लोगों से जुड़ी हुई पार्टी है. जब जब प्रतिबंध लगा, नेताओं की हत्या हुई और दमन हुआ, तब तब हर बार पार्टी पहले से ज्यादा मजबूत होकर उभरी. उन्होंने ने कहा कि अवामी लीग को दूसरे पार्टी को कमजोर करके आगे नहीं बढ़ना है बल्कि जनता के समर्थन पर आगे बढ़ेगी.

बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने कहा कि यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार और अब बीएनपी सरकार के शासन में लोकतंत्र, कानून का राज और लोगों की सुरक्षा समाप्त हो गई है. जनता अब दोनों सरकारों की वास्तविकता समझ चुकी है.

आपको बताते चले कि बांग्लादेश के अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण ने शेख हसीना को मानवता के खिलाफ अपराधों का दोषी पाते हुए नवंबर 2025 में उन्हें मौत की सजा सुनाई.

बता दें कि बांग्लादेश के अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण ने शेख हसीना को मानवता के खिलाफ अपराधों का दोषी पाया और पिछले साल नवंबर में उन्हें मौत की सजा सुनाई. जिसके शेख हसीना ने कहा कि मेरे खिलाफ आया फैसला न्याय नहीं है. यह एक अवैध, असंवैधानिक और राजनीतिक रूप से प्रेरित प्रक्रिया का हिस्सा है.

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