कृष्ण कुमार सैनी, चंडीगढ़: उच्च शिक्षा विभाग के नए सचिव के रूप में IAS अधिकारी नरेश पाल गंगवार की नियुक्ति को लेकर हरियाणा कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि जिस अधिकारी का परिवार सरकारी योजना के तहत करीब ₹1.16 करोड़ की सब्सिडी मिलने को लेकर विवादों में रहा है, उन्हें जांच और कार्रवाई के बजाय उच्च शिक्षा विभाग जैसे महत्वपूर्ण पद की जिम्मेदारी सौंप दी गई।

कांग्रेस ने कहा कि एक तरफ देश के छात्र NEET पेपर लीक, NTA (नेशनल टेस्टिंग एजेंसी) की कार्यप्रणाली और परीक्षा व्यवस्था में कथित अनियमितताओं के खिलाफ सड़कों पर उतरकर न्याय, पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग कर रहे हैं। वहीं दूसरी ओर केंद्र सरकार ने देश के करोड़ों युवाओं के भविष्य की जिम्मेदारी ऐसे अधिकारी को सौंप दी है, जिनका नाम पहले सरकारी सब्सिडी विवाद को लेकर सुर्खियों में आ चुका है।

हरियाणा कांग्रेस ने सवाल उठाते हुए कहा कि “सड़कों पर लाठियां खा रहे बेगुनाह छात्रों के भविष्य की जिम्मेदारी ऐसे विवादित अधिकारी को क्यों सौंपी जा रही है?”

कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि जो सरकार देश में एक निष्पक्ष परीक्षा तक नहीं करा पा रही है, वह अब शिक्षा व्यवस्था की कमान ऐसे विवादित चेहरे के हाथों में सौंप रही है। पार्टी ने सवाल किया कि “क्या ऐसे हाथों में देश के करोड़ों युवाओं का भविष्य सुरक्षित रहेगा?”

कांग्रेस ने कहा कि यह नियुक्ति NEET और परीक्षा व्यवस्था को लेकर संघर्ष कर रहे लाखों छात्रों के साथ सीधा अन्याय और उनके संघर्ष का अपमान है।