टुकेश्वर लोधी, आरंग। कुटेला गांव में लल्लूराम डॉट कॉम के खबर का असर देखने को मिला है। गांव के ऐतिहासिक तालाब को पाटकर माफियाओं द्वारा खड़े किए गए रेत के ‘अवैध पहाड़ों पर खबर प्रकाशित करने और ‘सुशासन तिहार 2026’ में शिकायत के बाद शासन-प्रशासन में हड़कंप मच गया। खनिज और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने समोदा, कुरूद, मोहमेला और कुटेला में ताबड़तोड़ छापेमारी कर सैकड़ों ट्रैक्टर अवैध रेत ज़ब्त की। साथ ही रसूखदार माफियाओं को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया गया है।

अधिकारियों की मौजूदगी में ज़ब्त हुआ रेत का ‘अवैध खजाना’

नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) के प्रतिबंध से ठीक पहले चांदी काटने की फिराक में बैठे रेत चोरों पर प्रशासन ने सर्जिकल स्ट्राइक की है। ‘लल्लूराम डॉट कॉम’ की खबर का असर यह हुआ कि उप संचालक खनिज प्रशासन राजेश मालवे ने तुरंत कड़े निर्देश जारी कर एक हाई-प्रोफाइल संयुक्त टीम का गठन किया, जिसमें सहायक खनिज अधिकारी उमेश भार्गव एवं टीम, राजस्व विभाग से नायब तहसीलदार (समोदा) गजानंद सिदार, स्थानीय पटवारी और कोटवार शामिल रहे। इस दौरान ग्राम सरपंच कमलेश्वरी संतोष जलक्षत्री, पंच गण सहित ग्रामीण बड़ी संख्या में उपस्थिति रहे।

जब प्रशासनिक अमला ग्राम कुटेला-चिखली मुख्य सड़क के किनारे पहुंचा, तो ‘लल्लूराम डॉट कॉम’ के दावों की अक्षरसः हकीकत सामने आ गई। शासकीय भूमि और प्रस्तावित तालाब के हिस्से में बिना किसी अनुमति के सैकड़ों ट्रैक्टर खनिज रेत का अवैध भंडारण (डंप) पाया गया, जिसे ग्रामीणों की मौजूदगी में तुरंत ज़ब्त कर लिया गया।

प्रशासन ने इस बार न सिर्फ रेत ज़ब्त की, बल्कि माफियाओं के हौसले पस्त करने के लिए उनके ‘सप्लाई रूट’ को ही नेस्तनाबूद कर दिया। डंपिंग यार्ड तक भारी वाहनों को पहुंचाने के लिए माफियाओं ने जो ‘रैम रास्ता’ (अवैध मार्ग) बनाया था, उसे जेसीबी मशीन से खोदकर पूरी तरह काट दिया गया, ताकि भविष्य में वहां अवैध भंडारण न हो सके।

रेत के अवैध परिवहन और खेल में शामिल 03 भारी वाहनों को रंगे हाथों ज़ब्त कर सुरक्षा के लिहाज से आरंग पुलिस थाने की सुपुर्दगी में दे दिया गया है। तालाब पाटने और इस काले कारोबार के मुख्य चेहरों- लौह चंद्राकर, पवन चंद्राकर, हेमंत चंद्राकर और रघु चंद्राकर को प्रशासन ने कड़ी फटकार लगाते हुए जवाब-तलब हेतु नोटिस जारी किया है।

‘खान एवं खनिज अधिनियम’ के तहत कसता जा रहा है शिकंजा

खनिज अधिकारियों के मुताबिक, इस पूरे मामले में आरोपियों के खिलाफ खान एवं खनिज अधिनियम 1957 के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने और शासकीय संपत्ति पर अवैध कब्जे को लेकर इन पर भारी जुर्माना और अन्य दंडात्मक कार्रवाई होना तय है।

ग्रामीणों की जीत, ‘सुशासन’ पर बहाल हुआ भरोसा

कुटेला के सरपंच कमलेश्वरी संतोष जलक्षत्री और ग्रामीणों की सजगता तथा प्रदेश के सबसे भरोसेमंद न्यूज पोर्टल ‘लल्लूराम डॉट कॉम’ में प्रखरता से आवाज उठाए जाने के बाद ही यह बड़ी कार्रवाई मुमकिन हो सकी है। ग्रामीणों ने इस त्वरित कार्रवाई पर राहत की सांस ली है और ‘लल्लूराम डॉट कॉम’ का आभार जताया है। हालांकि, ग्रामीणों का साफ कहना है कि जब तक तालाब को पूरी तरह से उसके मूल स्वरूप में बहाल नहीं कर दिया जाता, तब तक वे प्रशासन की हर गतिविधि पर नजर बनाए रखेंगे।

आरंग क्षेत्र में हुई इस कार्रवाई ने साफ कर दिया है कि देर से ही सही, अगर जनता की आवाज बुलंद हो और ‘लल्लूराम डॉट कॉम’ जैसा जिम्मेदार मीडिया उनके साथ खड़ा हो, तो सुशासन के दावों को हकीकत में बदलना ही पड़ता है। अब देखना यह है कि नोटिस के दायरे में आए इन चार रसूखदार नामों पर प्रशासन कितनी जेल और कितने जुर्माने की कार्रवाई सुनिश्चित करता है।

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