Rajasthan News: राजस्थान में Rajasthan Maternal Death के मामलों ने एक बार फिर स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। भीलवाड़ा जिला अस्पताल में एक ही रात में 2 प्रसूताओं की मौत हो गई। दोनों महिलाओं की नॉर्मल डिलीवरी हुई थी। शुरुआती जानकारी के अनुसार, दोनों हाई रिस्क श्रेणी में भी नहीं थीं। घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है।

6 घंटे के भीतर चली गई 19 साल की प्रसूता की जान

मृतकों में 19 वर्षीय रानी बंजारा शामिल हैं। वह भीलवाड़ा की बंजारा बस्ती की रहने वाली थीं। परिजनों के अनुसार, उनकी नॉर्मल डिलीवरी हुई थी। इसके करीब 6 घंटे बाद उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई और उनकी मौत हो गई। रानी की मौत के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है। पति भूरा बंजारा का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार की आर्थिक स्थिति इतनी कमजोर है कि अंतिम संस्कार के लिए लकड़ी खरीदने तक के पैसे नहीं थे। गांव के लोगों ने चंदा जुटाकर अंतिम संस्कार कराया।

शाहपुरा से रेफर की गई महिला ने भी तोड़ा दम

दूसरी महिला सुगना बैरवा थीं। उन्हें शाहपुरा अस्पताल से भीलवाड़ा जिला अस्पताल रेफर किया गया था। जानकारी के अनुसार, शाहपुरा अस्पताल पहुंचने तक उनकी स्थिति सामान्य थी। हालांकि, डिलीवरी के दौरान उनकी तबीयत बिगड़ गई। इसके बाद उन्हें भीलवाड़ा भेजा गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।

इस महीने आधा दर्जन मातृ मृत्यु के मामले

भीलवाड़ा जिले में इस महीने प्रसव के बाद महिलाओं की मौत के कई मामले सामने आ चुके हैं। जिले में अब तक करीब आधा दर्जन प्रसूताओं की जान जा चुकी है। वहीं, पिछले कुछ दिनों में बीकानेर, जोधपुर, कोटा, बांसवाड़ा और भीलवाड़ा जैसे जिलों में भी सिजेरियन और नॉर्मल डिलीवरी के बाद महिलाओं की मौत के मामले सामने आए हैं। इन घटनाओं के बाद सरकारी अस्पतालों में प्रसूति सेवाओं की गुणवत्ता और निगरानी पर सवाल उठ रहे हैं।

स्वास्थ्य विभाग ने क्या कहा?

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजीव शर्मा ने बताया कि दोनों मामलों की जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि शाहपुरा से रेफर की गई महिला की स्थिति बिगड़ने के बाद उसे भीलवाड़ा लाया गया था। यहां डॉक्टरों ने उसे बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली। दूसरी महिला की नॉर्मल डिलीवरी हुई थी। बाद में कुछ चिकित्सीय जटिलताएं सामने आईं, जिनके कारण उसकी मौत हो गई। विभाग दोनों महिलाओं के मेडिकल रिकॉर्ड और उपचार प्रक्रिया की जांच कर रहा है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारण स्पष्ट हो सकेंगे।

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