कुमार इंदर, जबलपुर। मध्यप्रदेश के जबलपुर जिले से आई सादगी की ये तस्वीर सोशल मीडिया पर छा गई है! जहां एक तरफ रसूख और वीआईपी कल्चर का शोर रहता है, वहीं हाईकोर्ट के एक माननीय जस्टिस ने ‘साइकिल’ चलाकर सबको चौंका दिया और एक बड़ा संदेश दे दिया। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तेल बचत और पर्यावरण संरक्षण की अपील का जबलपुर में बड़ा असर देखने को मिला है।

मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के जस्टिस डीडी बंसल (High Court Justice D.D. Bansal) आज अपनी लग्जरी सरकारी गाड़ी छोड़कर साइकिल से कोर्ट पहुंचे। जस्टिस बंसल करीब 3 किलोमीटर का रूट तय करते हुए कोर्ट पहुंचे। रोज की तरह आज जज साहब अपनी सरकारी गाड़ी से न पहुंचते हुए ​पचपेढ़ी सिविल लाइंस स्थित आवास से हाई कोर्ट तक ​साधारण साइकिल से ही पहुंच गए।​ जस्टिस बंसल शहर की भीड़भाड़ वाली सड़कों पर किसी आम नागरिक की तरह पैडल मारते नजर आए। उनके साथ उनके स्टाफ के कर्मचारी भी थे, जो बैग और टिफिन लेकर साइकिल पर ही उनके पीछे चल रहे थे।

​जस्टिस बंसल का संदेश

जस्टिस बंसल ने इस दौरान कहा कि, यह सोचना गलत है कि हाई कोर्ट का जज होने के नाते आप साइकिल नहीं चला सकते। संकट के समय में प्रधानमंत्री के आह्वान और हमारे चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा की प्रेरणा से मैंने यह पहल की है। जहां तक संभव हो, हम सबको तेल की बचत करनी चाहिए।

​सादगी की मिसाल

एक उच्च पद पर आसीन व्यक्ति का आम सड़क पर साइकिल चलाना वीआईपी कल्चर पर कड़ा प्रहार है। ​पर्यावरण और बचत: पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने और फिटनेस को बढ़ावा देने का सीधा संदेश। ​सामूहिक प्रयास: जस्टिस के साथ उनके स्टाफ का शामिल होना टीम वर्क और साझा संकल्प को दर्शाता है। जब न्याय के रक्षक खुद सड़क पर उतरकर देशहित की अपील पर अमल करते हैं, तो वह समाज के लिए एक नजीर बन जाता है। जस्टिस डीडी बंसल की यह ‘राइड’ सिर्फ कोर्ट तक का सफर नहीं, बल्कि जागरूक नागरिक बनने की प्रेरणा है।

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