नई दिल्ली. सहारनपुर से कांग्रेस सांसद इमरान मसूद शुक्रवार 23 अक्टूबर रात जामिया मिल्लिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी में दीवार फांदकर पहुंचे. यहां उन्होंने छात्रसंघ चुनाव की मांग को लेकर धरने और भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों से मुलाकात की. छात्रों से बातचीत के बाद लौटते समय पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया. करीब छह घंटे बाद आज शनिवार तड़के उन्हें छोड़ दिया गया. इस घटनाक्रम के वीडियो भी सामने आए हैं.

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12 दिन से छात्र कर रहे हैं आंदोलन

जामिया यूनिवर्सिटी में छात्रसंघ चुनाव कराने और छात्र अधिकारों की मांग को लेकर छात्र प्रदर्शन कर रहे हैं. जानकारी के मुताबिक, छात्र 12 अक्टूबर से धरने और भूख हड़ताल पर बैठे हैं. उन्हें समर्थन देने के लिए इमरान मसूद और सपा एमएलसी शहनवाज खान विश्वविद्यालय पहुंचे. मसूद जमीन पर बैठकर छात्रों से बात करते और उनका हालचाल पूछते दिखाई दिए.

बोले- बच्चों के लिए जान भी दे सकता हूं

इमरान मसूद ने कहा कि छात्र देश का भविष्य हैं. उनकी मांगों को गंभीरता से सुना जाना चाहिए. उन्होंने कहा, “ये हमारे बच्चे हैं, मैं इनके लिए अपनी जान भी दे सकता हूं.” उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन से छात्रसंघ चुनाव और छात्रों की मांगों पर जवाब देने को कहा. मसूद ने यह भी कहा कि वह इस मामले में कुलपति और प्रशासन से बात करेंगे.

गेट पर पुलिस तैनात, दीवार फांदकर पहुंचे सांसद

मसूद के मुताबिक, उन्हें आशंका थी कि मुख्य गेट से जाने पर पुलिस उन्हें रोक सकती है. इसलिए उन्होंने पीछे की ओर से दीवार फांदकर परिसर में प्रवेश किया. मुलाकात के बाद जब वह गेट से बाहर निकले, तो पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया. बाद में उन्हें थाने ले जाया गया. मसूद ने बताया कि उन्हें शनिवार सुबह करीब 5:30 बजे छोड़ दिया गया.

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देशविरोधी नारों का समर्थन नहीं: मसूद

विश्वविद्यालय में ‘फ्री कश्मीर’ और ‘फ्री शरजील इमाम’ जैसे नारों को लेकर मसूद ने कहा कि वह भारत को तोड़ने वाले किसी भी नारे का समर्थन नहीं करते. उन्होंने कहा कि कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है. कुछ लोग ऐसे पोस्टरों के जरिए छात्रों के आंदोलन को कमजोर करने की कोशिश कर सकते हैं. उन्होंने संविधान के दायरे में छात्रों की मांगों का समर्थन किया.