सुमन चौहान,करनाल: भ्रष्टाचार के खिलाफ अलख जगाने का दावा करने वाली एक संस्था अब खुद ही विवादों के घेरे में आ गई है। करनाल में ‘एंटी करप्शन फाउंडेशन’ के भीतर का कलह उस समय खुलकर सामने आ गया, जब संगठन के ही कई नाराज सदस्य शुक्रवार को इकट्ठा होकर करनाल एसपी (Superintendent of Police) कार्यालय पहुंच गए। इन सदस्यों ने संस्था के शीर्ष पदाधिकारियों के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए पुलिस कप्तान को एक लिखित शिकायत सौंपी है। सदस्यों का गंभीर आरोप है कि जिस मकसद के लिए इस संस्था का निर्माण हुआ था, वह अपने उस मूल उद्देश्य से पूरी तरह भटक चुकी है।

सदस्यता और कार्यक्रमों के नाम पर वसूली का आरोप

एसपी कार्यालय में शिकायत दर्ज कराने पहुंचे सदस्यों ने संस्था के कामकाज और वित्तीय लेन-देन को लेकर कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। उनका आरोप है कि संस्था से जुड़े पदाधिकारियों द्वारा उनसे हर हफ्ते और हर महीने अलग-अलग मदों में मोटी रकम जमा करवाई जाती थी। किसी सदस्य से पांच हजार रुपये तो किसी से उससे भी ज्यादा की राशि वसूली जाती रही। सदस्यों का कहना है कि संस्था की ओर से समय-समय पर बड़े-बड़े वीआईपी कार्यक्रम आयोजित किए जाते थे। इन आयोजनों में नामचीन हस्तियों और सेलिब्रिटीज को बुलाकर खूब चमक-दमक दिखाई जाती थी, लेकिन जमीन पर भ्रष्टाचार के खिलाफ कोई ठोस या प्रभावी अभियान नहीं चलाया गया।

खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं संगठन के लोग

शिकायतकर्ताओं ने कहा कि उन्होंने समाज सेवा और भ्रष्टाचार को मिटाने के नेक इरादे से इस संस्था को अपना कीमती समय और आर्थिक सहयोग दिया था। लेकिन, अब उन्हें समझ आ रहा है कि उनके द्वारा दिए गए धन का उपयोग संगठन के घोषित उद्देश्यों के अनुसार नहीं किया गया। सदस्यों का सीधा आरोप है कि उनके साथ संस्था के नाम पर धोखाधड़ी हुई है और वे खुद को पूरी तरह ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। इसी वजह से वे अब संगठन के आर-पार की लड़ाई के मूड में हैं।

पुलिस जांच पर टिकी सबकी नजरें

लगातार हो रही आर्थिक मांग और संस्था की निष्क्रियता से परेशान होकर आखिरकार इन सदस्यों ने कानून का सहारा लिया है। आज करनाल एसपी कार्यालय में औपचारिक रूप से शिकायत पत्र सौंपकर इस पूरे मामले की निष्पक्ष और गहन जांच कराने की मांग की गई है। सदस्यों का कहना है कि संस्था के खातों और आयोजनों की जांच होनी चाहिए ताकि सच्चाई सबके सामने आ सके। पुलिस को दी गई इस शिकायत के बाद अब जिला पुलिस प्रशासन इस पर क्या रुख अपनाता है और आगे क्या कानूनी कार्रवाई होती है, इस पर शहर के लोगों की नजरें टिकी हुई हैं।