Lifestyle Desk – गर्मियों के मौसम में लोगों की खानपान की आदतों में बदलाव देखने को मिलता है. इस दौरान भारी, तला-भुना और ज्यादा मसालेदार भोजन की जगह हल्का, ठंडा और शरीर को ताजगी देने वाला खाना पसंद किया जाता है. बढ़ती गर्मी का असर पाचन तंत्र पर भी पड़ता है, जिससे गैस, अपच और पेट संबंधी समस्याएं बढ़ सकती हैं. ऐसे में प्रोबायोटिक्स से भरपूर खाद्य पदार्थों को डाइट में शामिल करना फायदेमंद साबित हो सकता है.

प्रोबायोटिक्स ऐसे लाभकारी बैक्टीरिया होते हैं जो आंतों के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने, पाचन तंत्र को मजबूत रखने और शरीर की प्रतिरक्षा क्षमता को बढ़ाने में मदद करते हैं. अच्छी बात यह है कि इन्हें पाने के लिए महंगे सप्लीमेंट्स की जरूरत नहीं होती. कई पारंपरिक और आसानी से उपलब्ध खाद्य पदार्थ प्राकृतिक रूप से प्रोबायोटिक्स से भरपूर होते हैं. आइए जानते हैं गर्मियों में प्रोबायोटिक्स लेने के आसान और स्वादिष्ट तरीके.
दही को बनाएं रोजाना की डाइट का हिस्सा
दही प्रोबायोटिक्स का सबसे लोकप्रिय और सस्ता स्रोत माना जाता है. यह पेट को ठंडक पहुंचाने के साथ-साथ पाचन को भी बेहतर बनाता है. इसे भोजन के साथ या स्नैक के रूप में खाया जा सकता है.
छाछ पिएं
गर्मियों में छाछ शरीर को हाइड्रेट रखने में मदद करती है. इसमें मौजूद अच्छे बैक्टीरिया आंतों के स्वास्थ्य को बेहतर बनाते हैं और भोजन को आसानी से पचाने में सहायता करते हैं.
लस्सी का लें आनंद
मीठी या नमकीन लस्सी गर्मी से राहत देने के साथ शरीर को ऊर्जा भी देती है. दही से तैयार होने के कारण इसमें प्राकृतिक प्रोबायोटिक्स मौजूद होते हैं.
घर का बना अचार खाएं
पारंपरिक तरीके से तैयार किए गए कुछ अचार प्राकृतिक किण्वन (फर्मेंटेशन) प्रक्रिया से बनते हैं, जिससे उनमें लाभकारी बैक्टीरिया विकसित होते हैं. हालांकि, इनका सेवन सीमित मात्रा में करना चाहिए.
कांजी को करें शामिल
उत्तर भारत में लोकप्रिय कांजी एक पारंपरिक फर्मेंटेड ड्रिंक है. यह पाचन तंत्र के लिए लाभदायक मानी जाती है और गर्मियों में शरीर को ताजगी देती है.
इडली और डोसा का सेवन
इडली और डोसा का बैटर फर्मेंटेशन प्रक्रिया से तैयार किया जाता है. इससे इनमें लाभकारी सूक्ष्मजीव विकसित होते हैं, जो पाचन स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद हो सकते हैं.
प्रोबायोटिक दही या योगर्ट चुनें
बाजार में उपलब्ध कुछ योगर्ट और प्रोबायोटिक दही विशेष रूप से लाभकारी बैक्टीरिया से समृद्ध होते हैं. इन्हें भी गर्मियों की डाइट में शामिल किया जा सकता है.
फर्मेंटेड पेय पदार्थ अपनाएं
घर में तैयार किए गए पारंपरिक फर्मेंटेड पेय शरीर को ठंडक देने और आंतों के स्वास्थ्य को बनाए रखने में मदद कर सकते हैं.
संतुलित आहार के साथ लें प्रोबायोटिक्स
प्रोबायोटिक्स का पूरा लाभ तभी मिलता है जब इन्हें फाइबर से भरपूर फल, सब्जियां और पर्याप्त पानी के साथ लिया जाए. इससे आंतों में अच्छे बैक्टीरिया का संतुलन बेहतर बना रहता है.
क्यों जरूरी हैं प्रोबायोटिक्स?
विशेषज्ञों के अनुसार, प्रोबायोटिक्स पाचन तंत्र को स्वस्थ रखने के अलावा पेट में अच्छे और बुरे बैक्टीरिया के बीच संतुलन बनाए रखने में मदद करते हैं. गर्मियों में जब खानपान और तापमान दोनों शरीर को प्रभावित करते हैं, तब प्रोबायोटिक खाद्य पदार्थ पेट की समस्याओं से बचाव में सहायक हो सकते हैं. गर्मी के मौसम में दही, छाछ, लस्सी, कांजी और अन्य फर्मेंटेड खाद्य पदार्थों को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाकर न केवल पाचन को बेहतर रखा जा सकता है, बल्कि शरीर को अंदर से ठंडक और ताजगी भी मिल सकती है.

