चंडीगढ़. पंजाबी सिंगर इंदर कौर उर्फ यशइंदर की हत्या के मामले में आरोपियों ने पूछताछ दौरान भयानक खुलासे हुए हैं. मुख्य आरोपी सुखविंदर सिंह उर्फ सुक्खा गायिका इंदर कौर पर शादी करने का दबाव बना रहा था लेकिन इंदर कौर के इनकार करने पर उसने बाद उसने अपने दोस्तों के साथ मिल कर उसे मौत के घाट उतारने का प्लान कर लिया.

बड़ी बात है कि इसके लिए वह कनाडा से नेपाल और वहां से गोपनीय रास्ते के जरिए भारत आया और एक बार फिर से इंदर को बहका कर मिलने बुलाया. इंदर का एक बार मिलने जाना ही उसके जीवन के खत्म होने का बड़ा कारण बन गया.

मिली जानकारी के अनुसार वारदात वाली रात यानी 13 मई को करीब 8.30 बजे इंदर कौर अपनी फोर्ड फिगो कार में राशन लेने बाजार गई थी. रात 9 बजे सुखविंदर ने साजिश के तहत इंदर को फोन कर नीलों नहर के पुल पर बुलाया, वहां सुखविंदर, उसका पिता प्रीतम सिंह और उसके 2 दोस्त करमजीत सिंह व रविंदर सिंह उर्फ रवि पहले से घात लगाए बैठे थे. इन सबने मिलकर बंदूक के दम पर इंदर को कार समेत अगवा कर लिया.

इसके बाद उन्होंने इंदर की गोलियां मारकर बेरहमी से हत्या कर दी. वहीं सबूत मिटाने के लिए लाश को नीलों नहर के पुराने पुल से नीचे फैंक दिया.आरोपियों ने उसकी कार की नंबर प्लेटें तोड़ दीं और गाड़ी को पास के रामपुर गांव की नहर में डुबो दिया.

पुलिस को इंदर कौर की लाश बंद पड़े टोल प्लाजा से 50 मीटर दूर नहर में एक सूखे पेड़ के पास फंसी हुई मिली. पुलिस को जब इंदर कौर का शव मिला तो वह पानी में 6 दिनों से पड़े रहने के कारण फूल गया था. खुद को बचाने के लिए इंदर कौर का कत्ल करने के बाद आरोपियों ने हथियार बंद टोल प्लाजा के पीछे छुपा दिए थे जिसे पुलिस ने बरामद कर लिया है. पुलिस ने मौके से मिली रिवॉल्वर और गोलियों को कब्जे में ले लिया है और आगे की जांच शुरू कर दी है.

ऐसे आया सच सामने

15 मई को इंदर के भाई ने पुलिस में शिकायत दर्जकरवाई. टैक्निकल जांच और गुप्त सूत्रों की मदद से पुलिस ने 16 मई को सुखविंदर के पिता प्रीतम और दोस्त करमजीत सिंह को गिरफ्तार कर लिया. पुलिस ने गिरफ्तार किए आरोपी करमजीत सिंह की निशानदेही पर नहर से इंदर कौर की लाश और डूबी हुई फोर्ड फिगो कार बरामद कर ली. इस दौरान खुलासा हुआ कि हथियार छिपाने के बाद आरोपी आगे रामपुर गांव की तरफ मुड़ा और पुली पार करते ही वह नहर के किनारे-किनारे जंगल के अंदर गया और जहां पर जाकर पक्की सड़क खत्म हो जाती है वहीं कार को नहर में फेंक दिया.

आखिरी मुलाकात बनी मौत का मंजर

पुलिस जांच के अनुसार मोगा का रहने वाला मुख्य आरोपी सुखविंदर सिंह सुक्खा इंदर कौर से जबरन शादी करना चाहता था और इस घिनौनी जिद में उसका पिता प्रीतम सिंह भी उसके साथ था लेकिन इंदर कौर को पता चल चुका था कि सुखविंदर पहले से ही शादीशुदा है और उसके 2 बच्चे भी हैं. इसी धोखे के कारण इंदर ने शादी करने से साफ मना कर दिया. सुखविंदर ने इंदर को आखरी बार मिलने की बात कर बुलाया अगर इंदर मिलने नहीं जाती तो वह बच जाती. इसके बाद उसने अपने दोस्तों के साथ मिलकर इंदर की हत्या कर उसकी लाश और कार को नहर में फेंक दिया और उसी रात खुद भी कनाडा वापस भाग गया.