दीपक कौरव, नरसिंहपुर। मशहूर सामाजिक और पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक कॉकरोच जनता पार्टी के समर्थन में दिल्ली के जंतर-मंतर में बीते 11 दिनों से धरने पर बैठे हैं। NEET पेपर लीक के बाद शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए उनकी भूख हड़ताल का गुरुवार को 12वां दिन है। वहीं उनकी इस मुहिम का ‘भारत की पैडवुमेन’ कही जाने वाली नरसिंहपुर में महिला सरपंच माया विश्वकर्मा ने भी समर्थन किया है। 

महिला सरपंच ने रखा एक दिन का उपवास

नरसिंहपुर जिले के अंतिम छोर पर बसे मेहरागांव की सरपंच माया विश्वकर्मा ने धरने पर बैठे सोनम वांगचुक के समर्थन में एक दिन का उपवास रखा। इस दौरान उन्होंने कहा कि उनका यह उपवास देश में हुए नीट पेपर लीक, पर्यावरण संरक्षण और जनहित से जुड़े मुद्दों के समर्थन का प्रतीक है। उनका मानना है कि देश हित और प्रकृति संरक्षण से जुड़े विषयों पर समाज के हर वर्ग को जागरूक होकर अपनी सहभागिता निभानी चाहिए।

क्यों अनशन पर बैठे सोनम वांगचुक?

सोनम वांगचुक ने जंतर-मंतर पर आमरण अनशन शुरू किया है। वह परीक्षा में कथित गड़बड़ियों और पेपर लीक के मुद्दे पर जवाबदेही तय करने की मांग कर रहे हैं। इस आंदोलन में कई सामाजिक कार्यकर्ता और छात्र संगठन भी उनका समर्थन कर रहे हैं।

कौन है महिला सरपंच जो भारत की पैडवुमेन के नाम से हैं मशहूर?

नरसिंहपुर के मेहरा गांव की सरपंच माया विश्वकर्मा हैं जो भारत की पैडवुमन के रूप में मशहूर हैं। वह अमेरिका में शोध (बायोकेमिस्ट्री) करने के बाद स्वदेश लौटीं। उन्होंने ग्रामीण महिलाओं को रोजगार देने और मासिक धर्म स्वच्छता के लिए सुकर्मा फाउंडेशन की स्थापना की। उन्हें जून 2022 में अपनी ग्राम पंचायत का निर्विरोध सरपंच चुना गया था। 

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