हेमंत शर्मा, इंदौर। राहुल गांधी के इंदौर दौरे के दौरान आयोजित होने वाले ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। कार्यक्रम में एक युवती की ओर से राहुल गांधी से शादी की इच्छा जताने और प्रपोज करने की बात सामने आने के बाद बीजेपी ने कांग्रेस पर निशाना साधा है। बीजेपी की ओर से जारी बयान में आरोप लगाया गया कि छात्रों की समस्याओं पर चर्चा के लिए आयोजित कार्यक्रम का फोकस अब डेटिंग, प्रपोजल और स्वयंवर जैसे मुद्दों की ओर जाता दिखाई दे रहा है। इसे कांग्रेस की संस्कृति और विचारधारा से जोड़ते हुए सवाल उठाए हैं।
‘छात्रों की समस्याओं के बजाय डेटिंग और प्रपोजल की चर्चा’
बीजेपी नेता राकेश सिंह यादव का आरोप है कि कांग्रेस ने छात्रों की समस्याओं को सुनने का दावा किया था, लेकिन कार्यक्रम से जुड़े बयानों और चर्चाओं के चलते डेटिंग तथा प्रपोजल जैसे विषय सामने आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी का स्वयंवर, डेटिंग और प्रपोजल देश या Gen Z की वास्तविक समस्याएं नहीं हैं। साथ ही, उन्होंने कांग्रेस पर युवाओं को गलत दिशा में ले जाने का आरोप लगाया। हालांकि, युवती की ओर से शादी की इच्छा जताना उसका व्यक्तिगत बयान है। इसे पूरे कार्यक्रम या कांग्रेस की आधिकारिक नीति से जोड़ने के लिए पार्टी की स्पष्ट स्थिति और कार्यक्रम की वास्तविक गतिविधियों को देखना जरूरी होगा।
मुख्यमंत्री की योजनाओं से कांग्रेस के कार्यक्रम की तुलना
राकेश सिंह ने अपने बयान में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की लाडली लक्ष्मी और लाडली बहना जैसी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कांग्रेस के कार्यक्रम पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस युवतियों को डेटिंग और प्रपोजल का संदेश दे रही है। यह बयान राजनीतिक आलोचना के तौर पर सामने आया है। कांग्रेस की ओर से इन आरोपों पर आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है।
ये भी पढ़ें: ‘अगर कैटरीना डेट करना चाहती थीं तो मैं क्यों नहीं?’, छात्रों की गूंज कार्यक्रम में दिल्ली से इंदौर पहुंची युवती, राहुल गांधी से जताई शादी की इच्छा
15 हजार की अनुमति और 50 हजार की भीड़ के दावे पर सवाल
बीजेपी नेता ने कार्यक्रम की अनुमति और संभावित भीड़ को लेकर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने दावा किया कि 15 हजार लोगों की अनुमति लेकर 50 हजार की भीड़ का दावा किया जा रहा है। इसी आधार पर उन्होंने पुलिस प्रशासन को गलत जानकारी देकर अनुमति लेने का आरोप लगाया। हालांकि, अनुमति की वास्तविक शर्तें, स्वीकृत क्षमता और आयोजकों की ओर से दर्ज की गई संख्या की आधिकारिक पुष्टि आवश्यक है। केवल दावे के आधार पर अनुमति प्रक्रिया में गड़बड़ी को स्थापित तथ्य नहीं माना जा सकता।
कार्यक्रम की शर्तों और सुरक्षा व्यवस्था पर भी बहस
बयान में वर्मा आयोग की रिपोर्ट के अनुसार निर्धारित शर्तों को अनुमति में शामिल किए जाने का उल्लेख किया गया है। अब इस संबंध में पुलिस प्रशासन की ओर से जारी अनुमति पत्र और उसमें दर्ज शर्तों से ही स्पष्ट होगा कि आयोजन समिति को किन नियमों का पालन करना है। राहुल गांधी के कार्यक्रम से पहले राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। एक ओर कांग्रेस कार्यक्रम को छात्रों और युवाओं से जोड़ रही है, वहीं बीजेपी आयोजन की विषयवस्तु, संस्कृति और अनुमति प्रक्रिया पर सवाल उठा रही है। कांग्रेस की प्रतिक्रिया और प्रशासन की आधिकारिक जानकारी के बाद पूरे विवाद की तस्वीर और स्पष्ट हो सकेगी।

Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m



