हेमंत शर्मा, इंदौर। हाईकोर्ट परिसर में अधिवक्ताओं को कोर्ट की बारीकियां सिखाने के लिए उच्च न्यायालय अधिवक्ता संघ इंदौर द्वारा पहला लॉ सेमिनार आयोजित किया गया। कॉन्फ्रेंस हॉल में हुए इस सेमिनार का विषय कोर्ट क्राफ्ट और बेसिक एथिक्स रखा गया, जिसमें न्यायमूर्ति पवन कुमार द्विवेदी और वरिष्ठ अधिवक्ता अमित एस अग्रवाल ने युवा वकीलों को कड़ी सीख दी।
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न्यायालय के मर्यादा ही असली कोर्ट क्राफ्ट
न्यायमूर्ति पवन कुमार द्विवेदी ने साफ कहा कि कोर्ट में खड़े होने से पहले प्रकरण के तथ्यों पर मजबूत तैयारी जरूरी है, बिना तैयारी के पैरवी करना न्यायालय का समय खराब करना है। उन्होंने कहा कि सही मायने में वकालत वही है जिसमें अधिवक्ता केस के हर तथ्य को समझकर अदालत के सामने प्रस्तुत करे। उन्होंने युवा अधिवक्ताओं को समझाया कि कोर्ट में बोलने की कला, तथ्य रखने का तरीका और न्यायालय के प्रति मर्यादा ही असली कोर्ट क्राफ्ट है। वरिष्ठ अधिवक्ता अमित एस अग्रवाल ने कहा कि वकालत एक नोबल प्रोफेशन है, इसमें सबसे पहला कर्तव्य न्यायालय के प्रति ईमानदार रहना है।
वकील को सच के साथ खड़ा रहना
कहा कि अधिवक्ता अगर सही तथ्य नहीं रखेगा तो न्याय व्यवस्था कमजोर होगी, इसलिए हर वकील को सच के साथ खड़ा रहना चाहिए। कार्यक्रम की शुरुआत अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष मनीष यादव और उपाध्यक्ष अभिषेक तुगनावत ने की। संचालन सचिव मनीष गडकर और आभार सहसचिव अमित राज ने माना। कार्यक्रम में कार्यकारिणी सदस्य राहुल पांचाल, तेजस जैन, अमन मालवीय, रश्मेन्द्र सूर्यवंशी, आर्निक जैन सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे। अध्यक्ष मनीष ने बताया कि अधिवक्ताओं के ज्ञान और कोर्ट स्किल को मजबूत करने के लिए अब ऐसे लॉ सेमिनार हर महीने आयोजित किए जाएंगे, ताकि युवा वकीलों को सही मार्गदर्शन मिल सके।


