हेमंत शर्मा, इंदौर। शहर के एक नामी डॉक्टर पर IVF और सरोगेसी के नाम पर प्रेम विवाहिता को झांसे में लेकर दुष्कर्म करने और जन्मे बच्चे का अपहरण करने का सनसनीखेज आरोप लगा है। पीड़ित दंपति ने सबूतों के साथ पुलिस कमिश्नर से शिकायत की है, जिसके बाद महिला थाना टीआई को जांच के आदेश दिए गए हैं। आरोप है कि शहर के एक बड़े अस्पताल से जुड़े डॉक्टर ने अन्य साथियों के साथ मिलकर लव मैरिड कपल को कर्ज एडजस्ट करने का लालच दिया। खुद को Sri Aurobindo Hospital का बड़ा डॉक्टर बताकर IVF के जरिए बच्चा दिलाने की बात कही। दंपति को 18 सितंबर 2023 को होटल में बुलाकर पूरी साजिश रची गई।
कर्ज के जाल से IVF सेंटर तक
शिकायत के अनुसार, पति ने कुछ रुपए उधार लिए थे, जिन्हें न चुका पाने पर उसे एक व्यक्ति के जरिए कथित डॉक्टर से मिलवाया गया। बाद में महिला को DNS Hospital और एक अन्य IVF सेंटर में भर्ती कराया गया। दो बार IVF फेल होने के बाद आरोपित डॉक्टर ने पीड़िता पर दबाव बनाना शुरू किया। पीड़िता का आरोप है कि फरवरी 2024 में उसे होटल में बुलाकर नशीला पदार्थ पिलाया गया और जबरन दुष्कर्म किया गया। होश आने पर पति को झूठे ड्रग्स केस में फंसाने की धमकी दी गई।
8 माह तक फ्लैट में कैमरों की निगरानी में बंधक
दंपति का आरोप है कि गर्भ ठहरने के बाद उन्हें श्री अरबिंदो हॉस्पिटल के सामने एक कॉलोनी के फ्लैट में रखा गया, जहां कमरों में कैमरे लगाए गए थे। कहा गया कि बच्चा पैदा होने तक बाहर नहीं जा सकते। 15 सितंबर 2024 को तबीयत बिगड़ने पर महिला को Motherhood Hospital में भर्ती कराया गया। जहां 4 अक्टूबर 2024 को आठ माह के गर्भ के बाद पुत्र का जन्म हुआ।
डिस्चार्ज के समय नवजात छीनने का आरोप
9 अक्टूबर 2024 को अस्पताल से छुट्टी के दौरान आरोपित डॉक्टर और उसके साथी कथित रूप से नवजात को छीनकर ले गए। पति का मोबाइल फॉर्मेट कर सिम तोड़ दी गई और झूठे केस में फंसाने की धमकी दी गई। दंपति का दावा है कि बाद में दशहरा मैदान पर एक-दो बार बच्चे से मिलवाया गया, जहां पिस्टल दिखाकर चुप रहने की चेतावनी दी गई।
फर्जी समझौता और मृत्यु प्रमाण पत्र का डर
26 नवंबर 2024 को फिर होटल में बुलाकर एक क्षतिपूर्ति समझौता पत्र पर दबाव में हस्ताक्षर करवाने का आरोप है। पीड़िता ने कथित फर्जी दस्तावेजों की फोटो अपने पास सुरक्षित रखी है। आरोप है कि डॉक्टर के साथियों ने बच्चे का फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने की भी धमकी दी।
पुलिस कमिश्नर ने दिए जांच के आदेश
हाईकोर्ट एडवोकेट कृष्ण कुमार कुन्हारे और एडवोकेट डॉ. रूपाली राठौर के माध्यम से पुलिस कमिश्नर को शिकायत दी गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए महिला थाना को तत्काल जांच के निर्देश दिए गए हैं। एडवोकेट डॉ. रूपाली राठौर ने कहा कि भारत में कमर्शियल सरोगेसी प्रतिबंधित है, केवल अल्ट्रोस्टिक सरोगेसी मान्य है। इसके बावजूद महिलाओं की मजबूरी का फायदा उठाकर शोषण के मामले सामने आ रहे हैं।

