लखनऊ. उत्तर प्रदेश के स्कूलों में अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सिर्फ पढ़ाई का विषय नहीं रहेगा, बल्कि एआई में छात्रों के प्रदर्शन के आधार पर उनकी आगे की तकनीकी ट्रेनिंग की दिशा तय करने की तैयारी है. योगी सरकार की पहल ‘प्रोजेक्ट प्रवीण’ के तहत कराई गई ‘AI फॉर ऑल’ की राज्य स्तरीय मूल्यांकन परीक्षा में करीब 50 हजार छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया. जिसमें छात्रों का औसत स्कोर 70.41 अंक रहा और 89 प्रतिशत से अधिक विद्यार्थी सफल रहे.

कौशल विकास मिशन की तरफ से जारी नतीजों में 12,500 से अधिक छात्र 80 प्रतिशत से ज्यादा अंक हासिल कर उत्कृष्ट श्रेणी में पहुंचे हैं. इन मेधावी छात्रों को अब एडवांस्ड AI, एडवांस्ड कोडिंग और रोबोटिक्स में विशेष मार्गदर्शन देने की तैयारी है. वहीं 50 से कम अंक पाने वाले 4,819 छात्रों के लिए ‘रेमिडियल एआई माड्यूल्स’ शुरू किए जाएंगे.

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प्रदेश के व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि ‘प्रोजेक्ट प्रवीण’ का उद्देश्य गांव और शहर के बीच डिजिटल अंतर को खत्म करते हुए हर छात्र को भविष्य की तकनीक से जोड़ना है. करीब 50 हजार छात्रों की भागीदारी और उनका प्रदर्शन प्रदेश के युवाओं की क्षमता को दर्शाता है. सरकार मेधावी छात्रों को एडवांस टेक्नोलॉजी में आगे बढ़ने के अवसर देगी, जबकि कमजोर छात्रों को विशेष प्रशिक्षण देकर मुख्यधारा में लाया जाएगा.

क्षेत्रवार प्रदर्शन में पश्चिमी उत्तर प्रदेश सबसे आगे रहा. यहां 18,395 छात्रों का औसत स्कोर 74.3 रहा और 37.8 प्रतिशत छात्र उत्कृष्ट श्रेणी में रहे. बुंदेलखंड का औसत स्कोर 74.2 रहा. यहां 50 से कम अंक पाने वाले छात्रों का प्रतिशत महज 4.9 प्रतिशत रहा, जो प्रदेश में सबसे कम है. वहीं मध्य यूपी का औसत 69.7 रहा, जबकि पूर्वांचल के 21 जिलों के 14,387 छात्रों का औसत स्कोर 64.7 अंक रहा. क्षेत्रीय प्रदर्शन में सामने आए इस अंतर के बाद कमजोर क्षेत्रों, विशेषकर पूर्वांचल के छात्रों के लिए अतिरिक्त प्रशिक्षण की योजना बनाई गई है.

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मिशन निदेशक पुलकित खरे ने बताया कि परीक्षा पूरी तरह पारदर्शी और कुशल तरीके से पांच दिनों में पूरी की गई. 8 जुलाई को गोपनीयता के साथ प्रश्नपत्र जिलों को भेजे गए थे. 9 जुलाई को मुख्य परीक्षा और 10 जुलाई को अनुपस्थित छात्रों के लिए विशेष परीक्षा कराई गई. 13 जुलाई तक 73 जिलों में मूल्यांकन पूरा कर परिणाम मिशन मुख्यालय भेज दिए गए थे और 8 अगस्त तक परिणामों का सत्यापन करने के बाद जारी किया गया है. उन्होंने बताया कि 50 से कम अंक पाने वाले छात्रों, खासतौर पर पूर्वांचल के विद्यार्थियों के लिए ‘रेमिडियल एआई माड्यूल्स’ संचालित किए जाएंगे.

वहीं 80 प्रतिशत से अधिक अंक पाने वाले 12,500 से ज्यादा छात्रों को एडवांस्ड एआई , एडवांस्ड कोडिंग और रोबोटिक्स में विशेष मार्गदर्शन दिया जाएगा. ‘प्रोजेक्ट प्रवीण’ के तहत कक्षा 9 से 12 तक के छात्रों के लिए 210 घंटे का निशुल्क कौशल विकास कार्यक्रम चलाया जा रहा है. इसमें IT, ब्यूटी, हेल्थकेयर, एग्रीकल्चर और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे रोजगार परक क्षेत्रों में प्रशिक्षण दिया जाता है. इसके साथ ही चार घंटे का ‘एआई फॉर ऑल’ कोर्स अलग से संचालित किया जा रहा है.