हेमंत शर्मा, इंदौर। नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष की कुर्सी संभालने से ठीक पहले कांग्रेस की सियासत में एक बड़ा भूचाल आ गया है। नगर निगम की नव-नियुक्त नेता प्रतिपक्ष सोनीला मिमरोट के पदभार ग्रहण करने से महज कुछ घंटे पहले ही, देर रात पंढरीनाथ थाना पुलिस ने उनके भाई बादशाह मिमरोट को गिरफ्तार कर लिया है। इस बड़ी कार्रवाई के बाद विपक्ष की नई नेता की ताजपोशी से पहले ही इंदौर का सियासी पारा पूरी तरह चढ़ गया है।

यह है मामला

यह पूरा मामला बीते 18 जून को कांग्रेस द्वारा किए गए एक उग्र प्रदर्शन से जुड़ा हुआ है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने राज्यसभा नामांकन रद्द होने के विरोध में कलेक्टर कार्यालय के बाहर बिना अनुमति के प्रदर्शन किया था। प्रदर्शन के दौरान महिला कांग्रेस के कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच तीखी बहस हुई थी। पुलिस का आरोप है कि प्रदर्शनकारियों ने उनके साथ कथित तौर पर अभद्रता, हंगामा और अपशब्दों का प्रयोग किया।

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सोनीला मिमरोट समेत 4 पर FIR दर्ज

पंढरीनाथ थाना पुलिस के मुताबिक, इस हंगामे और शासकीय कार्य में बाधा डालने के मामले में कुल 4 नामजद आरोपियों के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज की गई थी। चौंकाने वाली बात यह है कि इस एफआईआर में खुद नव-नियुक्त नेता प्रतिपक्ष सोनीला मिमरोट का नाम भी शामिल है। इसी मामले में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने देर रात उनके भाई बादशाह मिमरोट को धर दबोचा।

यह पूरी तरह राजनीतिक षड्यंत्र

विपक्ष की नेता के पदभार ग्रहण करने से ठीक पहले हुई इस गिरफ्तारी को लेकर कांग्रेस ने राज्य की भाजपा सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। इंदौर कांग्रेस शहर अध्यक्ष चिंटू चौकसे ने इस कार्रवाई की कड़े शब्दों में निंदा की है। उन्होंने इसे पूरी तरह से एक “राजनीतिक षड्यंत्र” करार दिया है। कांग्रेस का कहना है कि विपक्ष की आवाज को दबाने और नई नेता प्रतिपक्ष की ताजपोशी के रंग में भंग डालने के लिए पुलिस का दुरुपयोग किया जा रहा है।

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