हेमंत शर्मा, इंदौर। शहर में चोरी के वाहनों को काटकर उनके पार्ट्स ठिकाने लगाने के मामले में क्राइम ब्रांच ने बड़ी कार्रवाई की है। दौलतगंज-रानीपुरा क्षेत्र की एक कबाड़ दुकान पर दबिश देकर पुलिस ने चोरी की 12 गाड़ियों के इंजन बरामद किए हैं। मामले में पूर्व पार्षद अंसाफ अंसारी के भाई अल्ताफ अंसारी और बेटे अरशद अंसारी को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस को शुरुआती जांच में बरामद इंजनों का कनेक्शन चोरी के वाहनों से मिला है। खास बात यह है कि जांच के दौरान पुलिस को सभी 12 इंजनों से जुड़ी चोरी की एफआईआर भी मिली हैं। इसके बाद मामला महज कबाड़ के कारोबार तक सीमित नहीं माना जा रहा, बल्कि पुलिस को चोरी के वाहनों को काटने और उनके पार्ट्स को खपाने वाले संगठित रैकेट की आशंका है।

कबाड़ दुकान पर कार्रवाई, 12 इंजन जब्त

क्राइम ब्रांच ने दौलतगंज-रानीपुरा इलाके में स्थित कबाड़ की दुकान पर कार्रवाई की। तलाशी के दौरान पुलिस को बड़ी संख्या में वाहन पार्ट्स मिले। जांच आगे बढ़ने पर 12 इंजन पुलिस के हाथ लगे। पुलिस के मुताबिक, इनमें से तीन इंजन घिसे हुए हालत में मिले हैं, जबकि बाकी इंजनों की भी तकनीकी जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि ये इंजन किन वाहनों के हैं और इन्हें दुकान तक किस माध्यम से लाया गया।

चोरी की 12 गाड़ियों से जुड़ा मिला रिकॉर्ड

मामले में सबसे अहम कड़ी यह सामने आई है कि बरामद किए गए 12 इंजनों से जुड़ी चोरी की गाड़ियों की एफआईआर पुलिस को मिल गई है। यानी जिन वाहनों के इंजन दुकान से बरामद हुए हैं, उनके चोरी होने की शिकायतें पहले से पुलिस रिकॉर्ड में दर्ज हैं। अब जांच का फोकस इस बात पर है कि चोरी के वाहन कब और कहां से उठाए गए, उन्हें किसके जरिए कबाड़ दुकान तक पहुंचाया गया और वाहन काटने के बाद उनके इंजन व अन्य पार्ट्स कहां खपाए जाते थे।

इलेक्ट्रिक कटर भी बरामद

पुलिस ने कार्रवाई के दौरान चोरी के वाहनों को काटने में इस्तेमाल होने वाला इलेक्ट्रिक कटर भी बरामद किया है। इस बरामदगी ने पुलिस की उस आशंका को और मजबूत किया है कि दुकान पर सिर्फ सामान्य कबाड़ का काम नहीं हो रहा था, बल्कि वाहनों को काटकर उनके अलग-अलग पार्ट्स निकालने का काम भी किया जा रहा था। अब पुलिस इलेक्ट्रिक कटर समेत अन्य सामान की भी जांच कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि कितने वाहनों को पहले इस तरह काटा गया है।

पूर्व पार्षद के भाई और बेटे गिरफ्तार

इस मामले में क्राइम ब्रांच ने अल्ताफ अंसारी और अरशद अंसारी को गिरफ्तार किया है। दोनों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से अदालत ने दोनों आरोपियों को 5 दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। रिमांड के दौरान पुलिस चोरी के वाहनों की सप्लाई से लेकर उनकी कटिंग और पार्ट्स को बेचने तक की पूरी कड़ी खंगालने की तैयारी में है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश करेगी कि इस कथित नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।

दुकान की जमीन और मालिकाना हक भी जांच के घेरे में

क्राइम ब्रांच ने अब कबाड़ दुकान की जमीन और उसके मालिकाना हक से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच शुरू कर दी है। सामने आया है कि जिस जमीन पर यह दुकान संचालित हो रही है, वह पूर्व पार्षद अंसाफ अंसारी के नाम है। इसी वजह से जांच का दायरा अब गिरफ्तार आरोपियों से आगे बढ़ गया है। पुलिस यह पता कर रही है कि दुकान का संचालन किसके की ओर से किया जा रहा था, जमीन का इस्तेमाल किस उद्देश्य से हो रहा था और वहां होने वाली गतिविधियों की जानकारी जमीन मालिक या अन्य संबंधित लोगों को थी या नहीं।

पूर्व पार्षद भी जांच के दायरे में

दुकान की जमीन पूर्व पार्षद के नाम होने के कारण अंसाफ अंसारी भी पुलिस की जांच के दायरे में आ गए हैं। हालांकि, फिलहाल पुलिस की कार्रवाई गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों के खिलाफ है। पूर्व पार्षद की भूमिका को लेकर जांच जारी है। पुलिस दस्तावेजों, दुकान के संचालन और आरोपियों से पूछताछ के आधार पर आगे की कार्रवाई तय करेगी।

पुलिस खंगाल रही चोरी की गाड़ियों का पूरा नेटवर्क

क्राइम ब्रांच अब यह पता लगाने में जुटी है कि बरामद 12 इंजन ही इस पूरे नेटवर्क की पूरी कहानी हैं या फिर चोरी के और भी वाहन काटे गए हैं। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि चोरी की गाड़ियों को इंदौर में ही काटा जाता था या उन्हें दूसरे इलाकों से यहां लाकर उनके पार्ट्स अलग किए जाते थे। इसके अलावा पुलिस बरामद इंजन के पार्ट्स, चेसिस और अन्य पहचान योग्य नंबरों की जांच कर रही है। इनकी मदद से यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि चोरी की गाड़ियों को किस तरह कबाड़ में बदलकर बाजार में खपाया जाता था।

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