हेमंत शर्मा, इंदौर। स्थानीय निकाय चुनाव से पहले इंदौर जिले की नई मतदाता सूची जारी कर दी गई है। इस बार मतदाता सूची के वार्षिक पुनरीक्षण और शुद्धिकरण अभियान में बड़े पैमाने पर फर्जी, दोहरे, मृत और स्थानांतरित मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं। प्रशासन की कार्रवाई में 3 लाख 26 हजार 360 नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं। खास बात यह है कि कुल हटाए गए नामों में करीब 88 प्रतिशत शहरी क्षेत्रों से हैं, जिससे कई वार्डों का चुनावी समीकरण बदलता नजर आ रहा है।
25.8 लाख मतदाता करेंगे मतदान
अंतिम मतदाता सूची के अनुसार, अब इंदौर जिले में करीब 25.80 लाख मतदाता दर्ज हैं। प्रशासन का कहना है कि मतदाता सूची को अधिक पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाने के लिए व्यापक सत्यापन अभियान चलाया गया था। इसी दौरान दोहरे नाम, मृत मतदाता और दूसरे स्थान पर स्थानांतरित हो चुके लोगों के नाम सूची से हटाए गए।
शहर में सबसे ज्यादा नाम कटे
नई सूची के मुताबिक, सबसे अधिक नाम इंदौर शहर के वार्डों से हटाए गए हैं। नगर निगम सीमा में ही करीब 2 लाख 78 हजार से अधिक मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए। सबसे ज्यादा कटौती वाले वार्डों में संत कबीर, नंदबाग, सुखलियानिवास, रेसिडेंसी, डॉ. मौलाना आजाद नगर, मुंडला नायता, बिचौली और नाहर शाहवली प्रमुख रहे।
महिला मतदाता बढ़ीं आगे
नई मतदाता सूची में जिले की पांच नगर परिषदों में महिला मतदाताओं की संख्या पुरुषों से अधिक हो गई है। देपालपुर, बेटमा, सांवेर, हातोद और मानपुर में महिला मतदाता अब निर्णायक भूमिका निभा सकती हैं। राजनीतिक दल भी इन क्षेत्रों में अपनी रणनीति नए सिरे से तैयार करने में जुट गए हैं।
चुनावी रणनीति पर पड़ेगा असर
इतने बड़े पैमाने पर मतदाता सूची में हुए बदलाव का सीधा असर आगामी स्थानीय निकाय चुनाव पर पड़ सकता है। जिन वार्डों में हजारों नाम हटे हैं, वहां राजनीतिक दलों को बूथ स्तर की रणनीति और मतदाता संपर्क अभियान फिर से तैयार करना होगा।
प्रशासन का दावा: शुद्ध और पारदर्शी सूची
प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई मतदाता सूची को अधिक सटीक और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से की गई है। अब सभी राजनीतिक दलों की नजर नई मतदाता सूची पर है, क्योंकि यही सूची आगामी स्थानीय निकाय चुनाव का आधार बनेगी।
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