दुर्गेश राजपूत, नर्मदापुरम। कानून के हाथ लंबे होते हैं, यह बात नर्मदापुरम नगरपालिका के रसूखदार और पूर्व अतिक्रमण दल प्रभारी सुनील राजपूत को शुक्रवार को समझ आ गई। फेसबुक पर फर्जी आईडी बनाकर महिलाओं को ‘शिकार’ बनाने वाले तथाकथित ‘बाहुबली’ कर्मचारी का कॉलर पकड़कर जब पुलिस ने सरकारी गाड़ी में बैठाया, तो पालिका में सन्नाटा पसर गया। शाम को कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने आरोपी को जेल का रास्ता दिखा दिया।
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साइबर सेल ने फेसबुक आईडी का आईपी एड्रेस खंगाला
यह पूरा मामला किसी थ्रिलर फिल्म जैसा है। इटारसी की एक युवती फरवरी महीने में नर्मदापुरम के एक अस्पताल में जिंदगी और मौत की जंग लड़ रही थी। लेकिन हैवानियत देखिए, उसी दौरान ‘सौरभ साहू’ नाम की फर्जी फेसबुक आईडी से उसके मैसेंजर पर अश्लील मैसेज और गंदे फोटो भेजने लगे। पीड़िता ने हिम्मत दिखाई और डिस्चार्ज होने से पहले ही सीधे साइबर सेल में शिकायत ठोक दी। शुरुआत में मामला ‘अज्ञात’ के खिलाफ दर्ज हुआ था। साइबर सेल ने जब फेसबुक आईडी का आईपी एड्रेस और मोबाइल नंबर खंगाला, तो वो सीधे शास्त्री वार्ड निवासी सुनील राजपूत का निकला।
साहब का ‘खास’ अब सलाखों के पीछे
सुनील राजपूत के खिलाफ साल 2023 में भी उस पर आईटी एक्ट का केस दर्ज हुआ था। 2018-19 के पीएम आवास घोटाले में भी नाम था। इसके बाद भी उसे अतिक्रमण दल का प्रभारी बनाया था। अब गिरफ्तारी के बाद नगर पालिका में हड़कंप मच गया। चहेते कर्मचारी को बचाने के लिए नपा के एक बड़े साहब इतने व्याकुल हो उठे कि उन्होंने पुलिस को फोन खटखटा दिए, लेकिन पासा उलटा पड़ गया! सामने वाले अधिकारी ने सीधे पूछ लिया”आप इस आरोपी को इतने पर्सनल क्यों ले रहे हैं? इस सवाल को सुनते ही पैरवी करने वाले साहब बगले झांकने लगे। फिलहाल, रसूख धरा का धरा रह गया और साहब का ‘खास’ अब सलाखों के पीछे चला गया है।

