धनेश, रेवाड़ी/बावल। एक सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल युवक 28 दिन बाद जब अपने घर पहुंचा तो उसकी दादी पौते की हालत देखकर सदमे में आ गई और तीसरे दिन उसकी मौत हो गई।

इस मामले में उस वक्त दुखद मोड़ आया, जब घायल पौते ने भी दादी के निधन के दो दिन बाद दम तोड़ दिया।

यह हैरान व परेशान करने वाला मामला रेवाड़ी के गांव चांदूवास का है। गांव के रामनिवास का छोटा बेटा जसबीर एक कंपनी में डेढ़ साल से काम कर रहा था। घर में माता-पिता, भाई-भाभी व दादा-दादी हैं। 21 मार्च की शाम को 25 वर्षीय जसबीर किसी कार्य से बाइक पर सवार होकर जब दिल्ली-जयपुर हाइवे स्थित ओढ़ी कट के पास से गुजर रहा था तो किसी अज्ञात वाहन ने उसे जोरदार टक्कर मार दी। उसके सिर में गंभीर चोट आई और उसे गुरुग्राम के एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया गया।

हालात गंभीर होने पर उसे परिजन गुरुग्राम, जयपुर व दिल्ली के अस्पताल लेकर गए। वहां से उपचार के बाद उसे अस्पताल से छुट्टी मिली। 28 दिन बाद जब जसबीर घर पहुंचा तो उसके गले में सांस और पेशाब की नली लगी हुई थी। उसकी दादी सौभाग्यवती उर्फ रेश्मी अपने पौते की यह हालात देखकर सदमे में आ गई। तीन दिन बाद उसकी दादी की मौत हो गई। पौता जसबीर भी अपनी दादी की मौत को सहन नहीं कर पाया और दो दिन बाद उसने भी दम तोड़ दिया।

सदर थाना के जांचकर्ता अधिकारी नितिन कुमार ने कहा कि घटनास्थल के आसपास कोई सीसीटीवी कैमरे नहीं मिले। हादसे के बाद से ही जसबीर होश में नहीं आया। केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

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