टोक्यो विश्वविद्यालय में अंतरराष्ट्रीय गीता सेमिनार का आयोजन किया गया। सीएम नायब सैनी ने कहा कि यह भारत-जापान के बीच सांस्कृतिक संबंधों को नई दिशा देगा।
कृष्ण कुमार सैनी, चंडीगढ़। अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव (IGM) 2026 के अंतर्गत विश्वप्रसिद्ध University of Tokyo में आयोजित “अंतरराष्ट्रीय गीता सेमिनार टोक्यो” ने भारत और जापान के सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक संबंधों को नई ऊर्जा प्रदान की। इस अवसर पर हरियाणा के मुख्यमंत्री Nayab Singh Saini का विशेष वीडियो संदेश प्रसारित किया गया, जिसमें उन्होंने कुरुक्षेत्र की पावन धरा से निकले श्रीमद्भगवद्गीता के संदेश को वैश्विक स्तर पर पहुंचाने के प्रयासों की सराहना की।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि श्रीमद्भगवद्गीता केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि मानवता को कर्तव्य, नैतिकता और जीवन प्रबंधन का मार्ग दिखाने वाला सार्वभौमिक ज्ञान है। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव के माध्यम से हरियाणा सरकार गीता के संदेश को विश्व के विभिन्न देशों तक पहुंचाने का कार्य कर रही है और टोक्यो में आयोजित यह सेमिनार उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि भारत और जापान के संबंध केवल आर्थिक और कूटनीतिक स्तर तक सीमित नहीं हैं, बल्कि दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक और आध्यात्मिक जुड़ाव भी अत्यंत गहरा है। गीता के सार्वभौमिक संदेश के माध्यम से दोनों देशों के लोगों के बीच आपसी समझ, सहयोग और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को और मजबूती मिलेगी।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि टोक्यो विश्वविद्यालय जैसे प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थान में आयोजित यह अंतरराष्ट्रीय सेमिनार युवाओं, शोधकर्ताओं और विद्वानों को गीता के दर्शन से जोड़ने का प्रभावी माध्यम बनेगा। साथ ही यह कार्यक्रम भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा को वैश्विक मंच पर नई पहचान दिलाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव 2026 के तहत आयोजित यह कार्यक्रम भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिक विरासत और गीता के सार्वभौमिक संदेश को विश्व समुदाय तक पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। मुख्यमंत्री ने आयोजन से जुड़े सभी संस्थानों और प्रतिभागियों को शुभकामनाएं देते हुए भविष्य में भी ऐसे आयोजनों के माध्यम से भारत-जापान संबंधों को और अधिक सशक्त बनाने की प्रतिबद्धता दोहराई।

