Business Desk – Retirement के बाद कमाई का जरिया बंद हो सकता है, लेकिन खर्च नहीं रुकते। घर के नियमित खर्च, मेडिकल जरूरतें और महंगाई बुढ़ापे में आर्थिक दबाव बढ़ा सकती है। ऐसे में Retirement के लिए बड़ा फंड तैयार करने का सबसे बेहतर तरीका है कि नौकरी के शुरुआती दौर से ही निवेश शुरू कर दिया जाए।

5 करोड़ रुपए का Retirement Corpus बनाने के लिए शुरुआत में बड़ी रकम लगाने की जरूरत नहीं है। छोटी SIP, समय और कंपाउंडिंग की ताकत लंबे समय में बड़ा फंड तैयार कर सकती है। दिग्गज निवेशक वॉरेन बफेट भी लंबे समय तक निवेश करने और कंपाउंडिंग की ताकत पर जोर देते रहे हैं। 20 से 25 साल की उम्र में 5,000 या 10,000 रुपए की मासिक SIP से शुरुआत की जा सकती है।
जैसे-जैसे इनकम बढ़े, SIP की रकम भी बढ़ाते रहना जरूरी है। वहीं रिटायरमेंट करीब आने पर इक्विटी में निवेश का हिस्सा धीरे-धीरे घटाकर जमा पूंजी को बाजार की बड़ी गिरावट से बचाने पर फोकस किया जा सकता है।
20 की उम्र में समय बनेगा सबसे बड़ा हथियार
शिवा ग्रोवर, फाउंडर-इक्विट्रस्ट सॉल्यूशंस के मुताबिक Retirement Planning सिर्फ इस बात पर निर्भर नहीं करती कि आप हर महीने कितना निवेश कर रहे हैं। निवेश कितनी जल्दी शुरू किया गया और उम्र बढ़ने के साथ Portfolio में Equity और Debt का संतुलन कैसे बदला गया, यह भी बेहद महत्वपूर्ण है।
20 की उम्र में निवेश शुरू करने वालों के पास लंबा समय होता है। ऐसे निवेशक अपने Long Term Portfolio में करीब 70 से 80% तक Equity रखने पर विचार कर सकते हैं। शुरुआत 5,000 रुपए की SIP से भी की जा सकती है। इसके बाद इनकम बढ़ने के साथ SIP को बढ़ाते रहना कंपाउंडिंग का फायदा बढ़ा सकता है।
30 की उम्र में SIP बढ़ाने पर दें जोर
30 की उम्र तक आमतौर पर कमाई बढ़ने लगती है, लेकिन इसी दौर में घर, बच्चों की पढ़ाई, लोन और दूसरे खर्च भी बढ़ जाते हैं। इसलिए निवेश को रोकने के बजाय Income के साथ SIP बढ़ाने की रणनीति अपनाई जा सकती है। इस उम्र में करीब 60 से 70% Equity Allocation रखने पर विचार किया जा सकता है।
कुंदन प्रजापति, फाउंडर- द ट्रेडिंग स्कॉलर के उदाहरण के मुताबिक अगर 20 साल की उम्र से 5,000 रुपए की Monthly SIP शुरू की जाए और लंबे समय में करीब 11% औसत रिटर्न मिले तो 30 की उम्र तक करीब 10.85 लाख रुपए का फंड बन सकता है। इसके बाद SIP बढ़ाकर 11,000 रुपए महीना करने पर 40 की उम्र तक Corpus करीब 54 लाख रुपए तक पहुंच सकता है।
40 की उम्र में Growth के साथ Safety भी जरूरी
40 की उम्र तक निवेश का Corpus काफी बढ़ सकता है। इस समय सिर्फ ज्यादा Return हासिल करने पर ध्यान देने के बजाय पहले से जमा रकम को सुरक्षित रखने की रणनीति भी जरूरी हो जाती है। इस उम्र में करीब 50 से 60% Equity और बाकी हिस्सा Debt जैसे अपेक्षाकृत स्थिर निवेशों में रखने पर विचार किया जा सकता है।
दिए गए उदाहरण में 60% Equity, करीब 10% रिटर्न और 16,000 रुपए की Monthly SIP के आधार पर 50 की उम्र तक फंड करीब 1.79 करोड़ रुपए तक पहुंच सकता है। हालांकि यह अनुमानित गणना है और वास्तविक रिटर्न बाजार के प्रदर्शन पर निर्भर करेगा।
50 की उम्र के बाद धीरे-धीरे घटाएं Risk
50 की उम्र के बाद Retirement करीब आने लगता है। इस समय बाजार में अचानक बड़ी गिरावट होने पर नुकसान की भरपाई करना मुश्किल हो सकता है, क्योंकि निवेश को Recovery के लिए पहले जितना समय नहीं मिलता। इसलिए इस दौर में Equity Exposure को धीरे-धीरे कम करके Debt और दूसरे अपेक्षाकृत स्थिर विकल्पों का हिस्सा बढ़ाने पर विचार किया जा सकता है।
कुंदन प्रजापति के उदाहरण में 50% Equity Allocation, करीब 9.5% अनुमानित रिटर्न और 30,000 रुपए की Monthly SIP के आधार पर 60 की उम्र तक फंड 5 करोड़ रुपए से ज्यादा पहुंच सकता है। इसका मतलब यह है कि 5 करोड़ का लक्ष्य सिर्फ बड़ी शुरुआती रकम से हासिल करने की कोशिश करने के बजाय लंबे समय तक नियमित निवेश और समय के साथ SIP बढ़ाने से भी हासिल किया जा सकता है।
5 करोड़ का लक्ष्य कैसे समझें?
इस उदाहरण का पूरा फॉर्मूला तीन चीजों पर आधारित है—जल्दी शुरुआत, हर कुछ साल में SIP बढ़ाना और उम्र के हिसाब से Asset Allocation बदलना। शुरुआत में ज्यादा Equity रखकर Long Term Growth पर फोकस किया जा सकता है। उम्र बढ़ने के साथ Risk कम करने और जमा पूंजी की सुरक्षा पर ध्यान बढ़ाया जा सकता है।
हालांकि 5 करोड़ रुपए का Corpus कोई Guaranteed Target नहीं है। ऊपर दिए गए आंकड़े अनुमान और Illustration पर आधारित हैं। वास्तविक रिटर्न बाजार की चाल, निवेश की अवधि, Tax, Fees, महंगाई और SIP में किए गए बदलावों पर निर्भर करेगा।
सिर्फ Return के पीछे न भागें
Retirement Planning में सबसे जरूरी बात हर बाजार के उतार-चढ़ाव को पकड़ना नहीं, बल्कि लंबे समय तक अनुशासन के साथ निवेश करते रहना है। नियमित SIP, Income बढ़ने पर SIP में Step-Up, समय-समय पर Portfolio Review और उम्र के हिसाब से Equity Allocation में बदलाव Retirement Corpus को मजबूत बनाने में मदद कर सकते हैं।
यानी अगर लक्ष्य 5 करोड़ रुपए का है तो सबसे अहम सवाल यह नहीं है कि आज कितनी बड़ी रकम निवेश की जाए, बल्कि यह है कि निवेश कितनी जल्दी शुरू किया जा रहा है और आने वाले वर्षों में उसे कितनी नियमितता से बढ़ाया जा रहा है।



