सुरेश पांडेय, सिंगरौली। एशिया के सबसे बड़े थर्मल पावर प्लांट एनटीपीसी विंध्यनगर पर एक बार फिर पर्यावरणीय लापरवाही के गंभीर आरोप लगे हैं। सिंगरौली जिले के विंध्यनगर क्षेत्र में स्थानीय लोग एनटीपीसी के खिलाफ आक्रोश जता रहे हैं। लोगों का आरोप है कि पर्यावरण संरक्षण के नाम पर लगाए गए हजारों पेड़ों को अब सोलर प्लांट लगाने के लिए काट दिया गया है।
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विंध्यनगर से उत्तर प्रदेश के शक्तिनगर को जोड़ने वाले मुख्य मार्ग के किनारे एनटीपीसी की जमीन पर पहले प्रदूषण नियंत्रण और हरित पट्टी विकसित करने के उद्देश्य से बड़े पैमाने पर पौधारोपण किया गया था। लेकिन अब स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्हीं पेड़ों को सोलर प्लांट स्थापित करने के लिए काटा जा रहा है, जिससे इलाके का पर्यावरणीय संतुलन बिगड़ रहा है।
ग्रामीणों के मुताबिक जुआड़ी, जयनगर और तेलगवां क्षेत्र पहले से ही प्रदूषण की मार झेल रहे हैं। इसके साथ ही एनटीपीसी से निकलने वाली फ्लाई ऐश की ढुलाई को लेकर भी लंबे समय से नियमों की अनदेखी के आरोप लगते रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि तेज हवा और आंधी के दौरान फ्लाई ऐश उड़कर आसपास के गांवों तक पहुंच जाती है, जिससे सांस संबंधी बीमारियों के साथ-साथ पर्यावरण को भी भारी नुकसान हो रहा है।
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“यहां पहले ही प्रदूषण बहुत ज्यादा है। पेड़ लगाए गए थे ताकि कुछ राहत मिले, लेकिन अब वही पेड़ काटे जा रहे हैं। फ्लाई ऐश उड़कर घरों तक आ जाती है, बच्चों और बुजुर्गों की तबीयत खराब हो रही है।” बड़ा सवाल यह है कि क्या पर्यावरण संरक्षण के दावों के बीच नियमों की अनदेखी की जा रही है, और क्या संबंधित विभाग इस पूरे मामले में कोई ठोस कार्रवाई करेगा।

