राकेश कथूरिया, कैथल। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 के उपलक्ष्य में आयुष विभाग हरियाणा और Haryana Yog Aayog के संयुक्त तत्वावधान में जिला कारागार और पुलिस लाइन कैथल में आयोजित पांच दिवसीय योग प्रोटोकॉल प्रशिक्षण शिविर का शुक्रवार को समापन हो गया। 11 मई से 15 मई तक चले इस शिविर का उद्देश्य कैदियों और पुलिस कर्मियों के मानसिक एवं शारीरिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाना रहा।

शिविर का आयोजन जिला आयुर्वेदिक अधिकारी डॉ. शकुंतला दहिया के निर्देशानुसार किया गया। जिला कारागार में आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता जेल अधीक्षक अशोक कुमार और उप-अधीक्षक शैलाक्षी भारद्वाज ने की। वहीं पुलिस लाइन में आयोजित सत्र में पुलिस अधीक्षक Manpreet Singh मौजूद रहे।
योग शिविर के दौरान आयुष योग सहायकों सतीश, सुनील कुमार, संदीप सिंह, संजू आर्या और सीमा कुमारी ने प्रतिभागियों को विभिन्न योगासन और प्राणायाम का अभ्यास कराया। शिविर में सूक्ष्म व्यायाम के तहत गर्दन, कंधे, हाथ, घुटने और रीढ़ को स्वस्थ रखने वाले अभ्यास शामिल किए गए। इसके अलावा ताड़ासन, वृक्षासन, त्रिकोणासन, भुजंगासन, शलभासन, वज्रासन, पवनमुक्तासन और शवासन का अभ्यास भी करवाया गया।
योग प्रशिक्षकों ने प्रतिभागियों को प्रत्येक आसन के शारीरिक और मानसिक लाभों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नियमित योग और प्राणायाम से तनाव कम होता है तथा शरीर में ऊर्जा और स्फूर्ति बनी रहती है।
इस अवसर पर डॉ. शकुंतला दहिया ने कहा कि योग शरीर, मन और आत्मा को संतुलित करने वाली प्राचीन भारतीय जीवन पद्धति है। उन्होंने कहा कि आज के तनावपूर्ण दौर में योग और ध्यान के माध्यम से नकारात्मक सोच को सकारात्मक ऊर्जा में बदला जा सकता है। उन्होंने विशेष रूप से कहा कि नियमित योगाभ्यास से कैदियों में आत्मविश्वास, धैर्य और मानसिक संतुलन विकसित होता है।
जेल प्रशासन ने भी इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के कार्यक्रम कैदियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। शिविर के समापन पर सभी प्रतिभागियों ने नियमित रूप से योग करने का संकल्प लिया।

