पटियाला। किसान आंदोलन के दौरान किसानों की ट्रालियां चोरी होने के मामले में किसान उग्र होते नजर आ रहे हैं। बुधवार को नाभा नगर कौंसिल के कार्यकारी अधिकारी गुरचरण सिंह के सरकारी आवास में खुदाई के दौरान ट्रालियों के पुर्जे बरामद हुए इसके बाद आज भारतीय किसान यूनियन एकता आजाद ने पंजाब सरकार दो टूक बात कह दी है कि अगर शंभू बॉर्डर से आंदोलनकारी किसानों के सामान के नुकसान की भरपाई नहीं की जाती तो इसका परिणाम खतरनाक होगा।
किसानों ने चेतावनी दी है कि वह आगामी 17 व 18 दिसंबर को चंडीगढ़ में मुख्यमंत्री के आवास का घेराव करेंगे। इतना ही नहीं इस विषय में कार्यवाही नहीं होने पर 19 दिसंबर को राज्य भर में ट्रेनों को जाम किया जाएगा। भारतीय किसान यूनियन एकता आजाद के नाभा ब्लॉक के प्रधान गमदूर सिंह ने कहा कि किसान आंदोलन स्थल से ट्रालियों के अलावा कई समान चोरी हुए थे। यह है मामला आपको बता दें कि शंभू बॉर्डर पर धरने के समय किसानों का सामान चोरी हुआ था, जिसे नाभा के म्यूनिसिपल काउंसिल के एग्जीक्यूटिव ऑफिसर के सरकारी घर से बरामद किया गया है।

इस मामले में पुलिस ने कहा कि उन्होंने यहां नाभा म्युनिसिपल काउंसिल के एग्जीक्यूटिव ऑफिसर के सरकारी घर से ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के पॉर्ट्स बरामद किए हैं, जो कथित तौर पर आठ महीने पहले किसानों के विरोध प्रदर्शन के दौरान चोरी हुए थे। किसानों के लगातार दबाव के बाद पुलिस ने JCB की मदद से जगह की खुदाई की जिसके बाद ट्रॉली के कई पार्ट्स कंपाउंड में दबे हुए मिले। बुधवार को यह बात सामने आने के बाद किसान में और गुस्सा फैल गया है।
भारतीय किसान यूनियन आजाद के नेताओं, जिनमें इसके नाभा प्रेसिडेंट गमदूर सिंह भी शामिल हैं, ने दावा किया कि सबूत मिटाने के लिए ट्रॉली के पार्ट्स को दबाया गया था। अब इस मामले में किसानों ने सरकार को चेतावनी दे दी है।
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