कुमार इंदर, जबलपुर। जबलपुर शहर में अवैध रूप से भ्रूण लिंग परीक्षण करने वाले एक बड़े रैकेट का पर्दाफाश हुआ है। पुलिस और प्रशासन ने मामले में सख्त कार्रवाई करते हुए ‘आर के डायग्नोस्टिक सेंटर’ के डॉक्टर और एक नर्स के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। सोमवार को प्रशासन की संयुक्त टीम ने डायग्नोस्टिक सेंटर पर छापामार कार्रवाई की थी, जिसके बाद अब यह बड़ा कदम उठाया गया है।

जबलपुर के नामी ‘आर के डायग्नोस्टिक सेंटर’ पर चले कानूनी हथौड़े से स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मच गया है। मामले में डॉ. सतीश अग्रवाल और नर्स सुनीता उर्फ डॉली के खिलाफ पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है।। प्रशासन को लंबे समय से शिकायत मिल रही थी कि इस सेंटर में मोटी रकम लेकर गर्भस्थ शिशु के लिंग की जांच की जाती है और ‘लड़का है या लड़की’ इसकी जानकारी दी जाती है।

डायग्नोस्टिक सेंटर पर रेड

सोमवार को पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम ने जब अचानक डायग्नोस्टिक सेंटर पर छापा मारा, तो मौके से लिंग परीक्षण से जुड़े कई पुख्ता सबूत बरामद हुए। कार्रवाई के दौरान अधिकारियों ने सेंटर से ​कंप्यूटर और हार्ड डिस्क, ​सोनोग्राफी से संबंधित महत्वपूर्ण दस्तावेज और कई रिपोर्ट मिली है। पुलिस ने ​इन सभी चीजों को सील कर अपने कब्जे में ले लिया है।

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दूसरे सेंटर पर भी जड़ा ताला

मामले की गंभीरता को देखते हुए डॉ. आर. के. अग्रवाल के इस डायग्नोस्टिक सेंटर को तुरंत प्रभाव से सील कर दिया गया। इतना ही नहीं, कार्रवाई का दायरा बढ़ाते हुए आर के अग्रवाल के अधारताल स्थित दूसरे सेंटर पर भी प्रशासन ने ताला जड़कर उसे सील कर दिया है।

प्रशासन की इस बड़ी कार्रवाई के बाद अब पुलिस दोनों आरोपियों के खिलाफ आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी कर रही है। शहर में ऐसे अवैध कारनामों पर यह एक बड़ा प्रहार माना जा रहा है। आपको बता दे कि पुलिस और जिला प्रशासन की पूरी कार्रवाई ऑपरेशन गरिमा के तहत की जारी है। इसके पहले भी पुलिस ने कुछ डायग्नोस्टिक सेंटर, स्पा सेंटर पर छापामार कार्रवाई की है।

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