इंदर कुमार, जबलपुर। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के कार्यकर्ताओं को ट्रेन से उतारने और हिरासत में लिए जाने के मामले में जबलपुर हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। कार्यकर्ताओं के सुरक्षित घर पहुंच जाने के बाद हाईकोर्ट ने इस मामले में दायर की गई याचिका को खारिज कर दिया है। मुख्य न्यायाधीश अल्पेश कोगजे और जस्टिस विवेक जैन की बेंच ने इस मामले की सुनवाई की।
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क्या था पूरा मामला?
दिल्ली के जंतर-मंतर पर 10 अक्टूबर को आयोजित एक प्रदर्शन में शामिल होने के लिए CJP के 16 कार्यकर्ता जा रहे थे, जिनमें 4 युवतियां और 12 युवक शामिल थे। इन सभी के पास वैध टिकट होने के बावजूद उन्हें इटारसी स्टेशन पर गोवा एक्सप्रेस ट्रेन से जबरन उतारकर हिरासत में ले लिया गया था।
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हाईकोर्ट में दायर हुई थी बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका
पुलिस कार्रवाई के विरोध में कार्यकर्ताओं ने भूख हड़ताल भी शुरू कर दी थी। कार्यकर्ताओं को ट्रेन से जबरन उतारने के इस मामले में हाईकोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका लगाई गई थी। इससे पहले कोर्ट ने नर्मदापुरम एसपी को प्रदर्शनकारियों को कोर्ट में पेश करने या रिहा करने के निर्देश भी जारी किए थे। अब सभी कार्यकर्ताओं के सुरक्षित घर पहुंचने के बाद न्यायालय ने याचिका को समाप्त कर दिया है।
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