Jaipur School Student Death: जयपुर के झोटवाड़ा स्थित स्कूल में पेटीज खाने के बाद 17 वर्षीय छात्र प्रिंस सोनी की मौत के मामले में शिक्षा विभाग ने स्कूल प्रबंधन पर बड़ा एक्शन लिया है। विभाग ने छात्र को समय पर अस्पताल नहीं ले जाने को संवेदनहीनता और घोर लापरवाही माना है। जिला शिक्षा अधिकारी सुनील कुमार सिंघल ने स्कूल प्रबंधन को नोटिस जारी कर 15 अगस्त सुबह 11:30 बजे तक विस्तृत रिपोर्ट के साथ उपस्थित होने के निर्देश दिए हैं। वहीं, पीड़ित परिवार और संयुक्त अभिभावक संघ के आह्वान पर शुक्रवार शाम चांदोलिया गार्डन से महाराणा प्रताप स्कूल तक कैंडल मार्च निकाला गया।

50 मिनट बाद अस्पताल ले जाने पर शिक्षा विभाग नाराज

शिक्षा विभाग के आदेश में कहा गया है कि घटना के बाद स्कूल प्रशासन ने छात्र को तत्काल अस्पताल नहीं पहुंचाया। परिजनों के साथ करीब 50 मिनट बाद छात्र को अस्पताल ले जाया गया। विभाग ने इसे छात्रों के प्रति संवेदनहीनता और घोर लापरवाही का द्योतक बताया है।

जिला शिक्षा अधिकारी सुनील कुमार सिंघल की ओर से जारी नोटिस में स्कूल प्रबंधन को मामले की विस्तृत रिपोर्ट के साथ उपस्थित होकर जवाब देने के लिए कहा गया है।

शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने जांच के दिए निर्देश

राजस्थान के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने कहा कि मामले की जांच के लिए कमेटी गठित की गई है। उन्होंने कहा कि जांच में यह पता लगाया जाएगा कि पेटीज घर से लाई गई थी या स्कूल में बनी थी। साथ ही इसकी गुणवत्ता और छात्र की तबीयत बिगड़ने के अन्य संभावित कारणों की भी जांच की जाएगी। मंत्री ने कहा कि जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

लंच टाइम में छात्र ने खाई थी पेटीज

छात्र के परिजनों के मुताबिक, बुधवार सुबह करीब 11 बजे लंच टाइम में 17 वर्षीय प्रिंस सोनी ने स्कूल कैंटीन से पेटीज खरीदकर खाई थी। परिजनों का आरोप है कि पेटीज खराब और अधिक ऑयली थी। इसे खाने के बाद पेटीज प्रिंस के गले में अटक गई और उसकी तबीयत बिगड़ गई।

परिजनों के अनुसार, मौके पर मौजूद शिक्षकों ने स्थिति को गंभीरता से नहीं लिया। उनका आरोप है कि शिक्षकों ने केवल प्रिंस की पीठ थपथपाई और उसे बेंच पर लिटा दिया।

अस्पताल स्कूल से करीब 100 मीटर दूर होने का दावा

प्रिंस के चाचा ने आरोप लगाया कि स्कूल से करीब 100 मीटर की दूरी पर अस्पताल मौजूद था। इसके बावजूद स्कूल प्रशासन ने छात्र को तत्काल अस्पताल ले जाने के बजाय परिजनों को फोन कर स्कूल बुलाया।

परिजनों के मुताबिक, स्कूल स्टाफ ने उन्हें बार-बार फोन कर चार पहिया वाहन लेकर जल्द स्कूल पहुंचने को कहा। परिवार का आरोप है कि यदि प्रिंस को समय रहते अस्पताल पहुंचाया जाता तो उसकी जान बच सकती थी।

परिजनों के साथ संयुक्त अभिभावक संघ ने निकाला कैंडल मार्च

घटना के बाद पीड़ित परिवार और संयुक्त अभिभावक संघ के आह्वान पर शुक्रवार शाम कैंडल मार्च निकाला गया। यह मार्च चांदोलिया गार्डन से महाराणा प्रताप स्कूल तक निकाला गया। मामले में अब शिक्षा विभाग की जांच और स्कूल प्रबंधन की ओर से दिए जाने वाले जवाब पर आगे की कार्रवाई निर्भर करेगी।

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