Leopard Rescue Operation: जयपुर के जगतपुरा इलाके में आज सुबह एक लेपर्ड (तेंदुआ) ने लोगों में दहशत फैला दी. यह तेंदुआ एक घर में कार के नीचे जाकर छिप गया, जिससे स्थानीय लोग डर गए. वन विभाग की रेस्क्यू टीम ने लगभग एक घंटे में तेंदुए को ट्रेंकुलाइज (बेहोश) कर सुरक्षित रूप से पकड़ लिया और उसे झालाना लेपर्ड रिजर्व में शिफ्ट किया. फिलहाल, वहां उसका प्राथमिक उपचार चल रहा है.

कैसे पकड़ा गया तेंदुआ?
घटना जगतपुरा के हरी नगर क्षेत्र की है, जो झालाना लेपर्ड रिजर्व के पास स्थित है. सुबह जब लोग अपने घरों से बाहर निकले, तो उन्होंने सड़क पर एक तेंदुए को घूमते हुए देखा. घबराए लोगों ने तुरंत वन विभाग को सूचना दी और अपने घरों में सुरक्षित चले गए. कुछ ही देर में वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और तेंदुए को ट्रेंकुलाइज करने की कोशिश शुरू कर दी.
डॉक्टर्स की देखरेख में सुरक्षित रेस्क्यू
सीनियर डॉक्टर अरविंद माथुर के नेतृत्व में इस मादा तेंदुए का सफल रेस्क्यू ऑपरेशन किया गया. डॉक्टर माथुर ने बताया कि सुबह 8:30 बजे सूचना मिली कि तेंदुआ एक निर्माणाधीन इमारत में घुस गया है. जब टीम मौके पर पहुंची, तो तेंदुआ वहां से निकलकर एक घर के पोर्च में खड़ी कार के नीचे छिप गया.
रेस्क्यू टीम ने पूरी सावधानी बरतते हुए तेंदुए को एक घंटे में सुरक्षित तरीके से ट्रेंकुलाइज किया. यह एक मादा तेंदुआ थी, जिसकी उम्र लगभग 3 साल बताई जा रही है. वन विभाग की टीम उसे प्राथमिक उपचार देने के बाद दोबारा जंगल में छोड़ देगी.
जयपुर में बढ़ रहा तेंदुओं का मूवमेंट
पिछले 2 महीनों में जयपुर शहर और उसके आसपास तेंदुओं की गतिविधि में बढ़ोतरी देखी गई है.
– 12 जनवरी: गणेशजी मंदिर की पहाड़ियों में तेंदुआ दिखा.
– 7 दिसंबर: विद्याधर नगर में एक तेंदुआ देखा गया.
मानबाग, जगतपुरा और मालवीय नगर जैसे इलाकों में भी तेंदुए देखे जा चुके हैं.
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