Rajasthan News: राजधानी के पॉश इलाके वैशाली नगर से शिक्षा व्यवस्था को शर्मसार करने वाली खबर सामने आई है। यहां के सन स्टार स्कूल पर आरोप लगा है कि उन्होंने RTE (शिक्षा का अधिकार) के तहत पढ़ रही एक मासूम छात्रा से न केवल फीस की मांग की, बल्कि पैसे न देने पर उसे स्कूल से बाहर निकालने की खुली धमकी भी दे डाली।

सत्र 2025-26 के लिए हुआ था चयन, अब मांग रहे पैसे
दरअसल, पीड़ित छात्रा का दाखिला सरकार के आरटीई एक्ट के तहत सत्र 2025-26 के लिए हुआ था। नियम के मुताबिक छात्रा की पढ़ाई पूरी तरह निशुल्क होनी चाहिए, लेकिन स्कूल प्रबंधन पिछले कई दिनों से फीस के लिए दबाव बना रहा था। अभिभावकों का आरोप है कि स्कूल की ओर से साफ कह दिया गया कि फीस भरो या फिर बच्ची का टीसी (TC) कटवा लो। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, जब इस मामले में स्कूल प्रबंधन से बात की गई तो उन्होंने अजीब तर्क दिया।
प्रबंधन का कहना है कि सरकार की ओर से उन्हें पुनर्भरण (Reimbursement) राशि नहीं मिल रही है। बिना सरकारी मदद के वे बच्चों को मुफ्त पढ़ाने के लिए बाध्य नहीं हैं। अगर बच्ची को इसी स्कूल में पढ़ना है, तो पूरी फीस जमा करनी ही होगी।
शिक्षा विभाग ने झोटवाड़ा अधिकारी को दिए निर्देश
बता दें कि पीड़ित अभिभावक पिछले 18 दिनों से स्कूल और शिक्षा विभाग के दफ्तरों की धूल फांक रहे थे। मामला बढ़ता देख अब शिक्षा विभाग ने संज्ञान लिया है। विभाग ने ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (झोटवाड़ा शहर) को तुरंत इस मामले की जांच कर नियमानुसार कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश जारी किए हैं।
क्या आरटीई में आवेदन करना अपराध है?
इस पूरे घटनाक्रम पर संयुक्त अभिभावक संघ ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि प्रवक्ता अभिषेक जैन बिट्टू ने सीधा सवाल किया कि निजी स्कूल आखिर किसके दम पर कानून को चुनौती दे रहे हैं? वहीं संघ के अध्यक्ष अरविंद अग्रवाल ने कहा कि विभाग की ढिलाई की वजह से ही स्कूलों के हौसले बुलंद हैं।
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