Donald Trump Capitol Hill Attacks case: ईरान के साथ युद्ध मोर्च पर बुरी तरह फंसे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को घर में भी बड़ा झटका लगा है। डोनाल्ड ट्रंप को बैक टू बैक दो बड़े झटके लगे हैं। डोनाल्ड ट्रंप सरकार को बड़ा कानूनी झटका संसद भवन यानी कैपिटल हिल हमले (Capitol Hill Attacks) को लेकर लगा है। वर्जीनिया के ईस्टर्न डिस्ट्रिक्ट के संघीय कोर्ट ने संसद हमले के उपद्रवियों के मुआवजे पर रोक लगा दी है। वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति को दूसरा बड़ा झटका कैनेडी सेंटर (Kennedy Center) से नाम हटाने को लेकर लगा है। वाशिंगटन की फेडरल कोर्ट ने कैनेडी सेंटर से ट्रंप नाम हटाने का आदेश दिया है।
संसद हमले के उपद्रवियों के मुआवजे को लेकर वर्जीनिया के ईस्टर्न डिस्ट्रिक्ट के संघीय कोर्ट से ट्रंप सरकार को बड़ा कानूनी झटका लगा है। संघीय अदालत ने करीब 1.8 अरब डॉलर के उस फंड पर अस्थायी रोक लगा दी है, जिसे ट्रंप प्रशासन कथित सरकारी ‘वेपनाइजेशन’ के पीड़ितों को मुआवजा देने के लिए बनाया था।
वर्जीनिया के ईस्टर्न डिस्ट्रिक्ट की जज लियोनी ब्रिकेंमा ने अपने आदेश में कहा कि जब तक अदालत इस मामले में आगे की दलीलें नहीं सुन लेती, तब तक ट्रंप प्रशासन फंड की स्थापना या संचालन से जुड़ा कोई नया कदम नहीं उठा सकता। कोर्ट ने रोक 12 जून तक लागू रखने का आदेश सुनाया। दूसरी तरफ अमेरिकी न्याय विभाग ने अदालत के आदेश के बावजूद फंड की वैधता पर भरोसा जताया है। विभाग के प्रवक्ता ने कहा कि सरकार को इस योजना की कानूनी मजबूती पर पूरा विश्वास है और वह उन लोगों को न्याय दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है, जिन्हें राजनीतिक कारणों से निशाना बनाया गया।
क्यों शुरू हुआ विवाद
दरअसल यह फंड ट्रंप प्रशासन ने अमेरिकी कर विभाग (IRS) के खिलाफ ट्रंप की टैक्स रिकॉर्ड लीक होने से जुड़ी कानूनी लड़ाई का निपटारा करने के लिए मझौते के तहत बनाया गया था। न्याय विभाग ने “एंटी-वेपनाइजेशन फंड” नाम से 1.776 अरब डॉलर का फंड बनाने की घोषणा की थी। फंड की घोषणा के बाद ही विवाद शुरू हो गया। आलोचकों का कहना है कि इससे उन लोगों को भी आर्थिक लाभ मिल सकता है, जो 6 जनवरी 2021 को अमेरिकी संसद भवन कैपिटल हिल पर हुए हमले से जुड़े मामलों में जांच या मुकदमों का सामना कर चुके हैं। विवाद इसलिए भी बढ़ा क्योंकि कुछ रिपब्लिकन सांसदों ने भी इस फंड पर सवाल उठाए थे। उनका कहना था कि टैक्सपेयर्स के पैसे का इस्तेमाल ऐसे लोगों को मुआवजा देने के लिए नहीं होना चाहिए, जो कैपिटल हिल हिंसा जैसे मामलों में शामिल रहे हों।
कैनेडी सेंटर से भी हटाना होगा अपना नाम
इधर वाशिंगटन की फेडरल कोर्ट ने भी ट्रंप को बड़ा झटका दिया है। कोर्ट ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को कैनेडी सेंटर से ट्रंप नाम हटाने का आदेश दिया है। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि कैनेडी सेंटर का नाम केवल अमेरिकी कांग्रेस ही बदल सकती है। यह विवाद तब शुरू हुआ था जब चैरिटी समर्थक बोर्ड ने संस्थान का नाम बदलने का फैसला लिया था। इसका कैनेडी परिवार और कई बोर्ड सदस्यों ने विरोध किया था। यूएस डिस्ट्रिक्ट जज क्रिस्टोफर कूपर ने ट्रंप प्रशासन 14 दिनों के भीतर परिसर से ट्रंप के नाम वाले सभी साइनबोर्ड हटाने का आदेश दिया है। इसके साथ ही कोर्ट ने आधिकारिक दस्तावेजों और प्रचार सामग्री में ‘ट्रंप कैनेडी सेंटर’ नाम के इस्तेमाल पर भी तुरंत रोक लगा दी है।
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