जालंधर। पंजाब में बस कर्मचारियों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया है। जालंधर का नेशनल हाईवे बंद रहा। इससे लोगो को काफी दिक्कत को सामना करना पड़ा। इस मौके पर यूनियन के प्रधान बिक्रम ने तीखे शब्दों में कहा कि यह हमारी मजबूरी है। हम जानबूझकर हाईवे जाम नहीं करते।
सरकारें हमें दो-दो महीने की तनख्वाह नहीं दे रही हैं और किलोमीटर वाला टेंडर रद्द नहीं किया गया है। इसी के विरोध में कर्मचारियों ने 6 से 7 बसें लाकर नेशनल हाईवे को पूरी तरह से ब्लॉक कर दिया है, जिससे ट्रैफिक पूरी तरह से जाम हो गई।
प्रधान बिक्रम ने साफ कर दिया है कि यह आंदोलन तभी खत्म होगा जब सरकार उनकी मांगें पूरी करेगी। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर सरकार जल्द कार्रवाई नहीं करती है, तो हाईवे तब तक बंद रहेगा जब तक उनकी तनख्वाह जारी नहीं होती और किलोमीटर टेंडर को रद्द नहीं किया जाता।

पूरे राज्य में करीब 4 हजार बसें और 27 बस अड्डे बंद करके चक्का जाम कर दिया गया। इस लिए हुई हड़ताल यह हड़ताल कर्मचारियों को पिछले दो महीने से वेतन न मिलने और विवादास्पद ‘किलोमीटर टेंडर’ को रद्द करने की मांग को लेकर की गई थी। जब चक्का जाम से भी कर्मचारियों की मांगें पूरी नहीं हुईं तो उन्होंने विरोध को अगले स्तर पर पहुंचा दिया और जालंधर का नेशनल हाईवे बंद कर दिया।
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