Jalore News: राजस्थान के जालोर जिले में दो बेटियों की शादी के लिए सरकारी सहायता राशि नहीं मिलने के मामले में जिला उपभोक्ता आयोग ने सख्त रुख अपनाया है। वर्ष 2021 में दिए गए आदेश की पालना नहीं होने पर आयोग ने इसे अवमानना माना और वर्तमान श्रम आयुक्त एवं जालोर की पूर्व कलेक्टर पूजा पार्थ के खिलाफ वारंट जारी किया है।

वारंट की तामील और उनकी उपस्थिति सुनिश्चित कराने के लिए आयोग ने जालोर पुलिस अधीक्षक को विशेष वाहक के माध्यम से वारंट तामील कराने के निर्देश दिए हैं।

पांच साल पुराने आदेश की नहीं हुई पालना

यह मामला रानीवाड़ा क्षेत्र की मोवनी देवी से जुड़ा है। उन्होंने अपनी दो बेटियों विमला और संगीता की शादी के लिए राजस्थान शुभशक्ति योजना के तहत सहायता राशि के लिए आवेदन किया था। राशि नहीं मिलने पर उन्होंने जिला उपभोक्ता आयोग का दरवाजा खटखटाया।

मामले की सुनवाई के बाद आयोग ने 2 सितंबर 2021 को श्रम आयुक्त, जिला श्रम कल्याण अधिकारी और प्राधिकृत अधिकारी जालोर को सहायता राशि का भुगतान करने का आदेश दिया था।

दोनों बेटियों के लिए 55-55 हजार रुपये

आयोग के आदेश के मुताबिक दोनों बेटियों के विवाह के लिए 55-55 हजार रुपये, यानी कुल 1.10 लाख रुपये देने थे। यह राशि दो महीने के भीतर भुगतान करने का निर्देश दिया गया था। इसके अलावा मोवनी देवी को मानसिक वेदना के लिए 10 हजार रुपये, शारीरिक कष्ट के लिए 10 हजार रुपये और मुकदमे में हुए खर्च के लिए 5 हजार रुपये देने का आदेश भी दिया गया था। इस तरह आयोग के आदेश के तहत कुल 1.35 लाख रुपये का भुगतान किया जाना था।

अपील भी खारिज, फिर भी नहीं हुआ भुगतान

आयोग के आदेश के खिलाफ अपील की गई थी, लेकिन वह भी खारिज हो चुकी है। इसके बावजूद आदेश की पालना नहीं होने पर परिवादी की ओर से जालोर जिला उपभोक्ता आयोग में अवमानना कार्रवाई के लिए प्रार्थना पत्र पेश किया गया। आयोग ने मामले का संज्ञान लेते हुए अब वर्तमान श्रम आयुक्त पूजा पार्थ के खिलाफ वारंट जारी किया है।

जालोर एसपी को भेजा पत्र

वारंट की तामील और संबंधित अधिकारी की आयोग के समक्ष उपस्थिति सुनिश्चित कराने के लिए जालोर पुलिस अधीक्षक को पत्र भेजा गया है। आयोग ने विशेष वाहक के माध्यम से वारंट की तामील कराने के निर्देश दिए हैं। मामले में करीब पांच साल पुराने आदेश की पालना नहीं होने के कारण अब उपभोक्ता आयोग की कार्रवाई चर्चा में है।

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