जामताड़ा। झारखंड के जामताड़ा जिले में रविवार देर रात पुलिस और कुख्यात गैंगस्टर सुजीत सिन्हा के बीच हुई मुठभेड़ में उसकी मौत हो गई। पुलिस का दावा है कि धनबाद सेंट्रल जेल ले जाते समय उसने पुलिस हिरासत से भागने और एक जवान की रायफल छीनकर फायरिंग करने की कोशिश की, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में वह मारा गया।

पुलिस के अनुसार, यह घटना साहिबगंज-गोविंदपुर स्टेट हाईवे पर जामताड़ा टाउन थाना क्षेत्र के सुपायडीह गांव के पास रविवार रात करीब 10 बजे हुई। साहिबगंज से धनबाद सेंट्रल जेल ले जाते समय पुलिस वाहन का टायर पंक्चर हो गया। इसी दौरान सुजीत सिन्हा ने कथित तौर पर मौके का फायदा उठाकर भागने की कोशिश की।

पुलिस का दावा है कि उसने एक पुलिस जवान की इंसास रायफल छीन ली और फायरिंग का प्रयास किया। इसके बाद पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की, जिसमें उसे गोली लगी और घटनास्थल पर ही उसकी मौत हो गई।

एफएसएल टीम ने जुटाए साक्ष्य

एनकाउंटर के बाद पुलिस ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी और रांची से फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) की टीम के पहुंचने का इंतजार किया। करीब सात घंटे बाद एफएसएल टीम मौके पर पहुंची और सुबह लगभग छह बजे से साक्ष्य एकत्र करने का काम शुरू किया।

फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से खून, डीएनए नमूने, फिंगरप्रिंट, हथियारों से जुड़े साक्ष्य, बाल, रेशे और पैरों के निशानों सहित अन्य वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए। गोली और हथियारों के मिलान की प्रक्रिया भी की गई।

आठ घंटे तक घटनास्थल पर पड़ा रहा शव

जांच प्रक्रिया पूरी होने तक गैंगस्टर का शव आठ घंटे से अधिक समय तक घटनास्थल पर पड़ा रहा। इस दौरान हल्की बूंदाबांदी भी होती रही। इससे पहले जामताड़ा सदर अस्पताल से पहुंची डॉक्टरों की टीम ने भी प्रारंभिक चिकित्सकीय जांच पूरी की।

हाईवे पर यातायात किया गया डायवर्ट

घटना की सूचना मिलते ही जामताड़ा के पुलिस अधीक्षक शंभू कुमार सिंह, एसडीओ, एसडीपीओ, सीओ और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। सुरक्षा के मद्देनजर साहिबगंज-गोविंदपुर हाईवे पर रात से ही यातायात डायवर्ट कर दिया गया, जिससे सोमवार सुबह तक वाहनों की आवाजाही प्रभावित रही।

कई संगीन मामलों में था आरोपी

पुलिस के अनुसार, सुजीत सिन्हा झारखंड के चर्चित गैंगस्टरों में शामिल था। उसके खिलाफ हत्या, रंगदारी, हथियार तस्करी, शस्त्र अधिनियम और संगठित अपराध से जुड़े 50 से अधिक (कुछ पुलिस अभिलेखों के अनुसार 60 से अधिक) मामले विभिन्न थानों में दर्ज हैं। वह पहले दिवंगत गैंगस्टर सुशील श्रीवास्तव के गिरोह से जुड़ा था और बाद में उसने अपना अलग आपराधिक नेटवर्क खड़ा कर लिया था।