विजय कुमार/जमुई। शहर के टाउन थाना क्षेत्र अंतर्गत महिसौड़ी मोहल्ले में गुरूवार की शाम मामूली विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। मदरसा के पीछे रंग-पेंट और जमीन पर पानी गिराने को लेकर दो पक्षों के बीच हुई खूनी झड़प में सात लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद इलाके में भारी दहशत का माहौल है। मौके पर पहुंची पुलिस ने चार लोगों को हिरासत में लिया है।
विवाद की जड़: पेंटिंग और पानी का बहाव
मिली जानकारी के अनुसार, विवाद की शुरुआत शाम करीब 5:30 बजे हुई। एक पक्ष अपने घर में रंग-पेंट का काम करवा रहा था जबकि दूसरा पक्ष घर के पास की जमीन पर पानी गिराने का विरोध कर रहा था। बहस देखते ही देखते गाली-गलौज और फिर मारपीट में बदल गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, देखते ही देखते दोनों तरफ से दर्जनों लोग जमा हो गए और ईंट-पत्थर चलने लगे।
दोनों पक्षों के गंभीर आरोप
घटनास्थल पर ईंट-पत्थरों के ढेर संघर्ष की तीव्रता को बयां कर रहे थे। घायलों की पहचान मोहम्मद जीशान, आरफा खातून, नियति प्रवीण, मो. इम्तियाज, मो. गब्बर (प्रथम पक्ष) तथा मो. हासिम उर्फ भोलू और मो. सलीम (द्वितीय पक्ष) के रूप में हुई है।
- प्रथम पक्ष का दावा: नियति प्रवीण ने आरोप लगाया कि हासिम अपने साथियों के साथ आया और लोहे की रॉड से हमला कर दिया। उनके अनुसार, हमलावरों ने घर में घुसकर महिलाओं को पीटा और लाइसेंसी बंदूक से फायरिंग की।
- द्वितीय पक्ष का दावा: मो. हासिम ने बताया कि जबरन उनकी जमीन पर पानी गिराया जा रहा था। जब उन्होंने इसका विरोध किया, तो मोहम्मद साहिल ने पिस्तौल निकालकर तीन राउंड फायरिंग कर दी।
पुलिस की कार्रवाई और स्थिति पर नियंत्रण
घटना की सूचना मिलते ही जमुई टाउन थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने घायलों को इलाज के लिए अस्पताल भेजा और पूरे इलाके की घेराबंदी कर ली है। टाउन थाना प्रभारी ने बताया कि चार संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। इलाके में एहतियात के तौर पर पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है। फायरिंग के आरोपों की पुष्टि के लिए वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।
पुलिस का कहना है कि यह मामला जमीन के मालिकाना हक और आपसी रंजिश से भी प्रेरित हो सकता है। फिलहाल दोनों पक्षों की ओर से लिखित शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया जारी है। जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि आखिर फायरिंग किसने की और विवाद की असली पटकथा क्या थी। स्थानीय लोग इस झड़प से सहमे हुए हैं और कानून-व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं।

