पटना। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव आज सिंगापुर के लिए रवाना हो रहे हैं। किडनी ट्रांसप्लांट के बाद स्वास्थ्य की नियमित निगरानी के लिए डॉक्टरों ने उन्हें चेकअप की सलाह दी थी। दिल्ली की विशेष अदालत से विदेश यात्रा की औपचारिक अनुमति और पासपोर्ट रिलीज होने के बाद उनके इस दौरे का मार्ग प्रशस्त हो गया है।
नियमित स्वास्थ्य जांच है प्राथमिकता
लालू प्रसाद यादव पिछले कुछ समय से स्वास्थ्य संबंधी जटिलताओं से जूझ रहे हैं। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने इस दौरे के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि पिताजी का किडनी ट्रांसप्लांट हुआ था जिसके बाद डॉक्टरों ने हर तीन महीने पर नियमित जांच की सलाह दी थी। हालांकि पिछले एक साल से किन्हीं कारणों से यह चेकअप नहीं हो पाया था। इसके अलावा उन्हें आंखों से संबंधित समस्याएं भी हैं जिनका उपचार और परामर्श सिंगापुर के विशेषज्ञों से लिया जाएगा।
अदालती प्रक्रिया और अनुमति
लालू यादव फिलहाल चारा घोटाला मामले में जमानत पर बाहर हैं लेकिन उनकी क्रिमिनल अपील हाई कोर्ट में लंबित है। कानूनी बाध्यताओं के कारण उन्हें विदेश यात्रा करने से पहले हर बार अदालत से विशेष अनुमति लेनी पड़ती है। इसी कड़ी में सीबीआई के विशेष न्यायाधीश एके तिवारी की अदालत में एक याचिका दायर की गई थी। सुनवाई के दौरान अदालत को यात्रा के चिकित्सकीय आधार से अवगत कराया गया। तथ्यों पर गौर करते हुए न्यायालय ने लालू यादव को विदेश जाने की अनुमति दी और उनका पासपोर्ट रिलीज करने का आदेश जारी किया।
दिसंबर 2022 में हुआ था किडनी ट्रांसप्लांट
लालू यादव के स्वास्थ्य इतिहास में दिसंबर 2022 का समय बेहद महत्वपूर्ण रहा जब सिंगापुर के माउंट एलिजाबेथ अस्पताल में उनका सफल किडनी ट्रांसप्लांट हुआ था। इस चुनौतीपूर्ण ऑपरेशन में उनकी बेटी रोहिणी आचार्य ने अपनी किडनी दान कर एक मिसाल कायम की थी। ट्रांसप्लांट के बाद से उनकी सेहत में काफी सुधार हुआ है और वे राजनीतिक गतिविधियों में भी पहले की तुलना में अधिक सक्रिय नजर आते हैं। बहरहाल उनकी सेहत को देखते हुए परिवार और पार्टी के वरिष्ठ नेता लगातार उनकी स्वास्थ्य स्थिति पर पैनी नजर रखे हुए हैं। पार्टी कार्यकर्ताओं ने उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है। यह यात्रा पूरी तरह से चिकित्सीय परामर्श और स्वास्थ्य के एहतियाती पहलुओं पर केंद्रित है।

