दिल्ली जल बोर्ड के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट से जुड़े टेंडर मामले में दिल्ली सरकार के पूर्व मंत्री और आम आदमी पार्टी नेता सत्येंद्र जैन समेत पांच आरोपियों को राउज एवेन्यू कोर्ट ने बुधवार को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है. अदालत ने सत्येंद्र जैन की उस याचिका को भी खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने पुलिस द्वारा अपनी गिरफ्तारी को अवैध बताया था. यह मामला दिल्ली जल बोर्ड के एसटीपी प्रोजेक्ट से जुड़े भ्रष्टाचार से जुड़ा है.
वहीं, आरोपी अंकित श्रीवास्तव को दो दिन की रिमांड पर भेजा गया है. जैन समेत बाकी चार आरोपियों की जमानत याचिका पर कोर्ट 25 अगस्त को सुनवाई करेगा.
भ्रष्टाचार मामले में दिल्ली के पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन समेत पांच आरोपियों को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने बुधवार को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेजते हुए अगली बार 3 सितंबर को सुबह 11 बजे कोर्ट में पेश होने का आदेश जारी किया है. अदालत ने यह आदेश दिल्ली की एंटी करप्शन ब्रांच (एसीबी) के अनुरोध पर दिया है.
पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन के अलावे न्यायिक हिरासत में भेजे जाने वाले दिल्ली जल बोर्ड के पूर्व CEO और IAS ऑफिसर उदित प्रकाश राय, एएन इंटरप्राइजेज के प्रोपराइटर नागेंद्र यादव, यूरोटेक इन्वॉयरमेंट प्राइवेट लिमिटेड के मालिक राजा कुमार कुर्रा और सृजनहार के प्रोपराइटर पंकज वर्मा हैं.
सत्येंद्र जैन समेत पांचों आरोपियों की जमानत अर्जियों पर सुनवाई के लिए 25 अगस्त की तारीख तय की है. वहीं, IAS अधिकारी उदित प्रकाश राय की जमानत याचिका पर गुरुवार, 20 अगस्त 2026 को सुनवाई होगी.
ACB के मुताबिक, यह मामला FIR 11 मई 2024 को दर्ज की गई थी. इस केस में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं के साथ IPC की धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात और आपराधिक साजिश से जुड़ी धाराएं लगाई गई हैं. ACB का आरोप है कि टेंडर की तकनीकी शर्तों और स्पेसिफिकेशन में बदलाव कर एक खास टेक्नोलॉजी प्रोवाइडर यूरोटेक एनवॉयरनमेंट प्राइवेट लिमिटेड को फायदा पहुंचाया गया.
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