बांदा में पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह ने अखिलेश यादव पर PDA की परिभाषा को लेकर तंज कसा और उनके एक बयान पर पलटवार किया. उन्होंने प्रदेश की गौशालाओं और संरक्षित गोवंश के आंकड़े बताते हुए पशुपालन के महत्व पर भी बात की.
बांदा. उत्तर प्रदेश के पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह शनिवार को बांदा पहुंचे, जहां उन्होंने सर्किट हाउस में विभागीय अधिकारियों के साथ मंडलीय समीक्षा बैठक की. इस दौरान उन्होंने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए PDA की परिभाषा को लेकर तंज कसा.
धर्मपाल सिंह ने कहा कि अखिलेश यादव PDA का अर्थ लगातार बदलते रहते हैं और जाति तथा विभाजन के आधार पर वोट मांगना चाहते हैं. उन्होंने कहा कि बीजेपी के राष्ट्रीय महामंत्री विनोद तावड़े ने PDA की एक अलग परिभाषा बताई है.
PDA पर साधा निशाना
मंत्री ने कहा कि इस परिभाषा में P का अर्थ पराया, D का अर्थ धन और A का अर्थ अपना बताया गया है, यानी पराया धन अपना होगा. उन्होंने इसके साथ ही PDA के लिए पीटेंगे, डकैती डालेंगे और अपहरण करेंगे जैसे शब्दों का भी इस्तेमाल किया.
धर्मपाल सिंह ने आरोप लगाया कि सत्ता के लोभी लोग इसी तरह के काम करेंगे. उन्होंने कहा कि आज लंगड़ा ऑपरेशन चल रहा है और यही वर्ग परेशान है. उनके मुताबिक यही लोग जनता को परेशान करेंगे, जिससे जनता PDA से छुटकारा चाहेगी और PDA में नहीं जाएगी.
अखिलेश के बयान पर पलटवार
अखिलेश यादव के उत्तर प्रदेश के अस्पतालों को इलाज की जरूरत संबंधी बयान पर भी धर्मपाल सिंह ने प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि उन्हें लगता है कि इलाज की जरूरत अखिलेश यादव को है, क्योंकि उन्हें यह पता नहीं है कि पशु कैसे पाले जाते हैं और वह विदेश में पढ़े हैं.
मंत्री ने कहा कि पशुपालन की देश की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका है और उत्तर प्रदेश में पशुओं का विशेष योगदान है. उन्होंने कहा कि लोगों को शुद्ध दूध उपलब्ध कराने के लिए योगी सरकार काम कर रही है.
गौशालाओं का आंकड़ा बताया
धर्मपाल सिंह ने बताया कि उत्तर प्रदेश में वर्तमान में 7,500 गौशालाएं हैं, जिनमें 13 लाख गोवंश संरक्षित हैं. उन्होंने कहा कि इन गोवंश पर एक दिन में करीब 8 करोड़ रुपये खर्च हो रहे हैं.



